
drms news (मानपुर-उमरिया)। जय सरदार, सब के सरदार — यह केवल एक नारा नहीं, यह राष्ट्र की चेतना का स्वर है। यह उस महापुरुष के प्रति श्रद्धा का प्रणाम है, जिन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन भारत की एकता और सर्व समाज के कल्याण के लिए समर्पित कर दिया। सरदार वल्लभभाई पटेल ने हर समाज, हर वर्ग और हर धर्म को समान दृष्टि से देखा। उनका जीवन किसी सीमा में बंधा नहीं था; उनका चिंतन सम्पूर्ण भारत के लिए था। इसलिए वे सच में सबके सरदार हैं— जन-जन के प्रेरणास्रोत, राष्ट्र की अटूट शक्ति।
मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि उनकी 150 वीं जयंती के पावन अवसर पर निकली “सरदार एकता यात्रा” उसी विराट भावना का सजीव प्रतीक है। इस यात्रा के साथ पूज्य सरदार की पावन चरण पादुकाएँ श्रद्धा के केंद्र के रूप में साथ चल रही हैं, जो उनके त्याग, संकल्प और राष्ट्रनिष्ठा की स्मृति को साकार रूप में जन-जन तक पहुँचा रही हैं। यह दृश्य केवल दर्शन नहीं, बल्कि आत्मा को स्पर्श करने वाला अनुभव है।
बड़े सौभाग्य की बात है कि यह प्रेरणादायी यात्रा 6 तारीख को प्रातः लगभग 11 बजे मध्यप्रदेश के पेटलावद पहुँचेगी। पेटलावद के गाँधी चौक से होकर श्रद्धांजलि चौक पर इसका स्वागत होगा तथा वहीं चरण पादुका पूजन का आयोजन सम्पन्न होगा। यह क्षण केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि एकता और राष्ट्रीय चेतना का उत्सव बनेगा।
यह यात्रा सर्व समाज के लिए है और सर्व समाज की सहभागिता से ही पूर्णता पाएगी। जब समाज एक साथ खड़ा होता है, तभी राष्ट्र मजबूत बनता है। आइए, सरदार के आदर्शों को अपने जीवन में उतारें और एकता की इस ज्योति को और प्रखर करें।
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