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कृष्ण-रुक्मणी विवाह और ब्रज के विरह दोनों का ऐसा संगम होता है कि भक्त का हृदय एक साथ आनंद और करुणा दोनों से भर जाता है।

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drms news (मानपुर-उमरिया)गोप-गोपियों और ग्वाल-बालों का विरह-- जब कन्हैया ब्रज छोड़कर मथुरा और फिर द्वारका चले गए, तो ब्रज सूना हो गया। गोपियों का दिन-रात केवल यही रोना था "अब कौन हमें बांसुरी की धुन सुनाएगा ... ?  किसके संग यमुना तट पर रास रचेगा ... ?" उनका विरह कोई साधारण वियोग नहीं था, यह तो आत्मा का परमात्मा से बिछोह था। श्री महाराज जी कहते हैं कि गोपियों का प्रेम इतना शुद्ध था कि उसमें स्वार्थ का लेश भी नहीं था। वे कृष्ण के सुख में ही अपना सुख देखती थीं।

उद्धव और अक्रूर जी का प्रसंग

श्रीकृष्ण ने गोपियों का विरह देखकर अपने परम सखा उद्धव जी को ज्ञान का संदेश लेकर ब्रज भेजा। उद्धव जी ने गोपियों को निर्गुण ब्रह्म का ज्ञान समझाना चाहा, पर गोपियां बोलीं - _"हमें तुम्हारा ज्ञान नहीं चाहिए, हमें तो केवल हमारे सांवरे की बातें सुनाओ।" उद्धव जी गोपियों के प्रेम को देखकर स्वयं भाव-विभोर हो गए और कहने लगे - "मैं तो ज्ञान का पंडित था, पर आज मैंने सच्चा प्रेम ब्रज की गोपियों से सीखा।" अक्रूर जी भी जब कृष्ण को मथुरा ले गए थे, तो उनका हृदय भी भारी था। वे जानते थे कि ब्रज अब उजड़ जाएगा।

श्रीकृष्ण-रुक्मणी विवाह का मंगलोत्सव

इधर द्वारका में विवाह का उत्सव अपने चरम पर था। सातों समुद्रों से लाए गए रत्नों से द्वारका नगरी जगमगा रही थी। देव-देवता, ऋषि-मुनि सभी उपस्थित थे। श्रीकृष्ण पीतांबरधारी और रुक्मणी जी लाल वस्त्रों में साक्षात लक्ष्मी-नारायण के रूप में विराजमान थीं।

श्री महाराज जी कहते हैं कि यह दो लीला एक साथ चलती है - ब्रज में विरह की अग्नि और द्वारका में विवाह का आनंद। यही भगवान की लीला की विचित्रता है। एक ही कृष्ण कहीं विरह का कारण बनते हैं और कहीं मिलन का। भक्त जब इस प्रसंग को भाव से सुनते हैं तो उनकी आंखें भी भर आती हैं और मुख से अनायास ही "राधे-राधे" निकल पड़ता है। यही सच्ची कथा श्रवण की महिमा है।

संपादक वीरेन्द्र प्रताप सिंह कृपया http://www.drmsnews.online वेबसाइट को शेयर, लाईक व लाइव जरूर करें और विज्ञापन व समाचारों के लिए संपर्क करें। आपका सहयोग हमारे लिए अमूल्य है, बहुत बहुत धन्यवाद आभार। डिस्क्लेमर : यहां पर दिया गया प्रसारित व प्रकाशित विज्ञापन/समाचार, हमें विभिन्न सूत्रों से मिली जानकारी पर आधारित है, जिसे केवल सूचना के लिए दी जा रही है drms newsसंपादक इसकी पुष्टि नही करता और ना ही जिम्मेदार है।

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