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मानपुर नगर परिषद अध्यक्ष पति की भर्राशाही: पीएमएवाय की राशि बंदरबाट, परिजन और अपात्र लाभांवित, कृषि उपज मंडी की आरक्षित भूमि अतिक्रमण, दो लोगों को पीएमएवाय की राशि करा दी आवंटित

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drms news (मानपुर-उमरिया)जिले के मानपुर नगर परिषद के अध्यक्ष पति द्वारा कृषि उपज मंडी की आरक्षित भूमि पर प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवॉय) के तहत राशि आवंटित करने और निर्माण कार्य शुरू करने का मामला सामने आया है। इससे मानपुर नगर परिषद के रहवासियों ने नाराजगी व्याप्त है। रहवासियों के अनुसार बिजौरी रोड़ पर खसरा क्रमांक 134s में 5 एकड़ सरकारी भूमि कृषि उपज मंडी मानपुर के लिए आरक्षित है। इस आरक्षित भूमि पर बकायदा ब्राउंड्री भी है, लेकिन नगर परिषद अध्यक्ष पति द्वारा मंडी के लिए आरक्षित हुई भूमि पर दो लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास बनाने की मंजूरी दे गई साथ ही अपात्रों को राशि आवंटित भी करा दी। 

इस मामले में मंडी प्रशासन का तर्क है कि नगर परिषद द्वारा जिस जगह आवास स्वीकृत किए गए हैं, वह कृषि उपज मंडी  के लिए आरक्षित है और वहां मंडी की संपत्ति पर निर्माण किया जा रहा है। मंडी प्रशासन का तर्क है कि आरक्षित भूमि का उपयोग अन्य कार्यों के लिए नहीं किया जा सकता है, जबकि नगर परिषद आवास योजना को प्राथमिकता दे रही है। इस मामले में अब तकनीकी सर्वेक्षण और भूमि के स्वामित्व के दस्तावेजों की जांच की आवश्यकता बताई जा रही है

पीएमएवाय की राशि बंदरबाट, परिजन और अपात्र लाभांवित 

नगर परिषद मानपुर अध्यक्ष पति पर सरकारी योजनाओं की राशि को बंदरबांट करने और प्रधानमंत्री आवास योजना में अपात्रों को लाभ देने के गंभीर आरोप लगे हैं। स्थानीय पार्षद और क्षेत्रीय लोगों की शिकायत के मुताबिक  नगर परिषद मानपुर अध्यक्ष पति ने परिजन और चहेतों को पीएमएवॉय की राशि बंदरबाट की है तो वहीं ऐसे लोगों को पीएमएवॉय की राशि आवंटित की है जिनके पास पहले से पक्के मकान हैं। बताया जा रहा है कि नगर परिषद मानपुर द्वारा अभी तक करीब 760 लोगों को उक्त योजना के तहत राशि आवंटित की है जिसमें से करीब 70 फीसदी लोग अपात्र हैं।  इतना ही नहीं क्षेत्रीय रहवासियों की शिकायत और आरोप  है कि नगर परिषद मानपुर अध्यक्ष पति की मनमानी रवैए और भर्राशाही के चलते जहां एक ही परिवार के कई लोग लाभांवित हुए, वहीं पात्र गरीब परिवारों के पक्के घर का सपना अधूरा पड़ा है। लोगों ने परिषद के  जिम्मेदारों की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े कर रहे हैं। 

प्रशासनिक मिलीभगत और भ्रष्टाचार की ओर इशारा किया 

क्षेत्रीय रहवासियों  ने पात्र गरीबों को छोड़कर अपात्र लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ देना प्रशासनिक मिलीभगत और भ्रष्टाचार की ओर इशारा किया । कहा जा रहा है कि नियमों का उल्लंघन करते हुए सरकारी/ आरक्षित भूमि पर आवास स्वीकृत किए गए, जो लापरवाही या मिलीभगत का संकेत है। जरूरतमंदों को दरकिनार कर अपात्र (जिनके पास पहले से पक्के मकान हैं या जो आर्थिक रूप से संपन्न हैं) लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ देना और प्रशासन द्वारा ठोस और त्वरित कार्रवाई न किया जाना भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों के हौसले बुलंद कर रहा है।

संपादक वीरेन्द्र प्रताप सिंह कृपया http://www.drmsnews.online वेबसाइट को शेयर, लाईक व लाइव जरूर करें और विज्ञापन व समाचारों के लिए संपर्क करें। आपका सहयोग हमारे लिए अमूल्य है, बहुत बहुत धन्यवाद आभार। डिस्क्लेमर : यहां पर दिया गया प्रसारित व प्रकाशित विज्ञापन/समाचार, हमें विभिन्न सूत्रों से मिली जानकारी पर आधारित है, जिसे केवल सूचना के लिए दी जा रही है drms newsसंपादक इसकी पुष्टि नही करता और ना ही जिम्मेदार है। 8962637936

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