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नाबालिग के साथ दुष्‍कर्म करने वाले को 20 वर्ष का कारावास


दिवाल गिराने वाले आरोपियों को 01-01 वर्ष का साश्रम कारावास

शहडोल। माननीय श्रीमान न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी शहडोल रवींद्र कुमार धुर्वें जिला शहडोल के द्वारा प्रकरण क्रं0 703/2018, थाना कोतवाली अपराध क्र0 243/2018 में आरोपी विजय लोहरानी पिता स्‍व0 देवीदास लोहरानी उम्र 54 वर्ष एवं विनोद लोहरानी पिता स्‍व0 देवीदास लोहरानी उम्र 52 वर्ष दोनो निवासी वेदांता हास्पिटल के सामने बुढ़ार रोड, शहडोल जिला शहडोल म0प्र0 को धारा 427 भादवि में एक-एक वर्ष का सश्रम कारावास एवं 500-500 रूपये के अर्थदण्ड से दंडित किया गया। शासन की ओर से इस प्रकरण में सफल पैरवी प्रवीण कुमार सिंह एडीपीओ जिला शहडोल म0प्र0 द्वारा की गई।

अश्लील गाली देकर निर्माणाधीन मकान की दिवार गिराकर दी धमकी 

सहायक मीडिया अधिकारी (अभियोजन) राकेश कुमार पाण्डेय द्वारा जानकारी दी गई कि पीड़िता 18 मार्च 2018 को अपने पट्टे  की भूमि में मकान बनाने हेतु दिवाल बनवा रहीं थी। दीवाल करीब 5/6 फिट ऊंची एवं 25 फिट लंबी हो गयी थी कि करीब 12 बजे दिन विजय लोहरानी एवं विनोद लोहरानी  व उनके साथी आये तथा फरियादिया को मां-बहन की गंदी गंदी गालिया देकर हाथ में लिये फावड़ा से उसकी पूरी दिवाल तोड़कर गिरा दिये, उनमें से कुछ लोग लाठी भी लिये थे, जो उसके  दिवाल गिराने से मना करने पर धमकी दे रहे थे, कि वह चुप रह यदि हल्‍ला करेगा तो फरियादी काट मार कर यहीं गाड़ देंगें, कि वह लोग धमकी देते हुये चले गये। 

दिवाल तोड़ने से पीड़िता को 20,000/- रूपये का नुकसान हुआ है, आरोपीगण उसकी जमीन पर जबरन कब्‍जा बरने का प्रयास कर रहे हैं  मौके पर आस-पास के लोग उपस्थित थे। 

आरोपीगण द्वारा 21 मार्च 2018 को दोपहर करीब 01 बजे गिराये थे इस घटना की रिपोर्ट पर थाना कोतवाली जिला शहडोल में आरोपीगण के  विरूद्ध अपराध क्रमांक 362/2019 पंजीबद्ध किया गया। विवेचना उपरांत अभियोग पत्र पूर्ण कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। माननीय न्यायालय द्वारा अभियोजन द्वारा प्रस्तुत किए गए सशक्त तर्कों से सहमत होकर एवं प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए विचारण उपरांत आरोपी को धारा 427 भादवि में एक-एक वर्ष का सश्रम कारावास एवं 500-500 रूपये के अर्थदण्ड से दंडित किया गया।

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नाबालिग के साथ दुष्‍कर्म करने वाले को 20 वर्ष का कारावास

शहडोल।  श्रीमान द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश महोदय श्री संदीप कुमार सोनी (विशेष न्‍यायालय पॉक्‍सो अधिनियम) जिला शहडोल के द्वारा सत्र प्रकरण क्रमांक  66/20, शासन विरूद्ध शिव प्रसाद यादव वगैरह में आरोपी शिव प्रसाद यादव उम्र 25 वर्ष पिता सुद्धू यादव एवं आरोपी अशोक चौधरी उर्फ नान बाबू उम्र 29 वर्ष पिता स्‍व. राजेश चौधरी दोनों निवासी ग्राम करूआ, थाना गोहपारू जिला शहडोल को धारा 363/34 में दो वर्ष का सश्रम कारावास, धारा 366/34 भाद0वि0 में तीन वर्ष का सश्रम कारावास, एवं 1000-1000/- रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया तथा  आरोपी  शिव प्रसाद यादव को पृथक से  धारा 376 (3) भादवि0 एवं धारा 5 (एल) सपठित धारा 6 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 में 20 वर्ष का सश्रम कारावास से दण्डित किया गयाI शासन की ओर से इस प्रकरण में श्रीमती सुषमा सिंह ठाकुर सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी शहडोल द्वारा पैरवी की गई ।

स्कूल से घर आ रही छात्रा को धमकाते हुए किया अगवाकर 15 दिनों तक किया जबरजस्ती 

संभागीय जनसंपर्क अधिकारी (अभियोजन) नवीन कुमार वर्मा द्वारा जानकारी दी गई कि फरियादी अपने लड़के के साथ थाने में उपस्थित होकर जबानी रिपोर्ट दर्ज कराया कि मेरी लड़की जो कक्षा 11वीं में पढ़ती है जो 26 जनवरी 2020 को सुबह 07.00 बजे घर से 26 जनवरी ध्‍वजारोहण में स्‍कूल जाने को कहकर घर से स्‍कूल तरफ गयी थी, जो कि शाम 05:00 बजे तक घर वापस नहीं आई, तब मैं लड़की का पता करने स्‍कूल गया, लड़की नहीं मिली तो लड़की की सहेलियों के घर जाकर पूंछा एवं आस-पास पता तलाश किया कोई पता नहीं चला। मुझे शंका है कि मेरी लड़की को कोई अज्ञात बहला फुसलाकर भगा कर ले गया है।  

रिपोर्ट पर अपराध पंजीबद्ध किया जाकर  विवेचना के दौरान पीड़िता को दस्‍तायाब करने पर पीड़िता ने बताया कि घटना दिनांक 26 जनवरी 2020 को सुबह 07:00 बजे वह ध्वजारोहण के लिये अपने स्कूल गयी थी और लगभग 10:00 बजे अपनी सहेली के साथ वापस घर आ रही थी और स्कूल के बाहर ग्राउण्ड के बाद सड़क में उसकी सहेली का भाई आया और उसकी सहेली को लेकर चला गया तब वह अकेले वहां से घर के लिये आ रही थी, तभी दोनों आरोपी रास्ते में खड़े हुये थे और जब वह उनके पास पहुची तो आरोपी अशोक उससे पूछा कि ’’आप स्कूल का रास्ता जानती हैं, मेरी बहन इसी स्कूल में पढ़ती है’’ तब वह बतायी कि ’’यही रास्ता है आप सीधे चले जाइये’’ और वह पीछे मुड़कर जाने लगी तो दोनो आरोपी उसे पकड़ लिये और उससे कह रहे थे कि ’’यदि हल्ला करोगी तो जान से खत्म कर देगें।’’ आरोपीगण उसे मोटर सायकल में बैठाकर गोदाम के पीछे की रोड पर ले गये और आरोपी अशोक उसे व आरोपी शिव प्रसाद को वहीं छोड़कर मोटर सायकल लेकर वापस चला गया तब आरोपी शिव प्रसाद उसे वहां से बस में बैठाया और धमकी दे रहा था कि ’’यदि तू चिल्लायेगी या किसी को बतायेगी तो जान से मार दूंगा।’’ आरापी शिव प्रसाद बस में बैठाकर शहडोल ले गया और रेलवे स्टेशन शहडोल से एक ट्रेन पर बैठाया और कटनी ले गया, कटनी पहुंचने तक रात हो गयी थी। शिव प्रसाद कटनी से दूसरी ट्रेन में बैठाकर उसे टपरी स्टेशन तक ले गया और वहां से बस में बैठाकर ग्राम ताजपुर में एक खेत में बनी हुई झोपड़ी में ले गया और वहां  पर उसे 10-15 दिन तक रखा और उसके साथ वहीं पर रोज बलात्कार करता था और वह विरोध करती थी, तो आरोपी उसे बार-बार धमकी देता था। 

विवेचना उपरांत प्रकरण माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। माननीय न्यायालय द्वारा अभियोजन द्वारा प्रस्तुत किए गए सशक्त तर्कों से सहमत होकर एवं प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए विचारण उपरांत आरोपीगणों को उपरोक्तानुसार दण्ड से दंडित किया गया।

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