
सूर्योपासना लोक आस्था के पर्व पर उगते सूर्य को दिया अर्घ्य, उल्लास के साथ हुआ छठ पर्व का समापन
संपादक वीरेन्द्र प्रताप सिंह DRMS NEWS 896263793 सोमवार 20 नवम्बर 2023
DRMS NEWS शहडोल। सूर्योपासना का यह पर्व मैथिली, मगही और भोजपुरी लोगों का सबसे बड़ा महापर्व जिसमें लोक आस्था के महापर्व छठ के अंतिम चौथे दिन सोमवार की सुबह व्रती महिलाओं एवं पुरुषों ने पानी में खड़े होकर उगते सूर्य को अर्घ्य देकर पूजा की और इसी के साथ छठ महापर्व का समापन हुआ।
उत्तर पूर्व भारतीय संघ द्वारा आयोजित पूजन कार्यक्रम में सुबह होते ही लोग नगर में पूजा के लिए सजाये गए मोहन राम तालाब, बड़ी भीट और एमपीईबी के पीछे मुड़ना नदी के घाटों में श्रद्धालु पूजन सामग्री लेकर पहुंच गए।
अपार श्रद्धा और उल्लास के साथ सर पर टोकरी में पूजा का सामान लिए जन समुदाय घाटों पर पहुंचा और उदय होते सूर्य देवता की आराधना कर अपने परिवार के लिए सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान व्रती महिलाओं एवं पुरुषों ने सामूहिक रूप से पानी में खड़े होकर उगते सूरज को अर्घ्य दिया। इस अवसर पर महिलाओं ने एक दूसरे को परम्परानुसार पीला सिंदूर लगाया। पूजा के दौरान मोहन राम मंदिर परिसर की आकर्षक साज-सज्जा की गयी थी।
पूजा के लिए आये हुए लोगों ने आतिशबाजी की और तालाब में दीपदान किया। तालाब के एक ओर मंच में कलाकारों ने भोजपुरी छठ पर्व से जुड़े गीतों की प्रस्तुति दी। पूजा की सम्पूर्ण व्यवस्था उत्तर पूर्व भारतीय संघ द्वारा की गई थी।
सुरक्षा के लिहाज से तीनों घाटों में लाइफ जैकेट के साथ बोट की व्यवस्था की गयी थी। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग छठ की पूजा देखने के लिए तीनों घाटों पहुंचे और प्रसाद लिया।
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