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शहडोल जिले में सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर 4, 68, 600 रुपए की धन राशि एकत्रित करने का लक्ष्य

 सशस्त्र झण्डा दिवस के अवसर पर प्रशासनिक अधिकारियों को लगाया गया फ्लैग

संपादक वीरेन्द्र प्रताप सिंह DRMS NEWS 896263793 गुरुवार 7 दिसम्बर 2023

DRMS NEWS शहडोलसशस्त्र झण्डा दिवस के अवसर पर 7 दिसम्बर 2023 को जिला सैनिक कल्याण अधिकारी धीरेन्द्र सिंह, कल्याण संयोजक ओंकार लाल गवली द्वारा माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश  श्री महेंद्र जैन, सीईओ जिला पंचायत राजेश जैन, अपर कलेक्टर रोमोनुस टोप्पो सहित अन्य अधिकारियों को फ्लैग लगाया गया। 

साथ ही सशस्त्र सेना दिवस के झंडे लगाकर दान की राशि एकत्रित की गई। जिला सैनिक कल्याण अधिकारी ने जानकारी दी है कि शासन द्वारा इस वर्ष शहडोल जिले में सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर 4, 68, 600 रुपए की धन राशि एकत्रित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

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कक्षा 5 वीं तक के शैक्षणिक संस्थाएं 9 बजे के बाद होगी संचालित

DRMS NEWS शहडोल कलेक्टर श्रीमती वंदना वैद्य ने शीतकालीन मौसम प्रारंभ होने तथा तापमान में गिरावट को दृष्टिगत रखते हुए शहडोल जिले के अंतर्गत नर्सरी  से कक्षा 5 वीं तक के समस्त विद्यालय एवं शैक्षणिक संस्थाएं प्रातः 9 बजे से पहले संचालित नही करने के आदेश जारी किया गया ।

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नेशनल लोक अदालत 9 दिसम्बर को, 23 न्यायिक खण्डपीठों का किया गया गठन

DRMS NEWS शहडोल।  माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शहडोल श्री महेन्द्र कुमार जैन के मार्गदर्शन में 9 दिसम्बर को जिला न्यायालय शहडोल एवं सिविल न्यायालय ब्यौहारी, बुढ़ार तथा जयसिंहनगर में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जावेगा। 

नेशनल लोक अदालत में प्रकरणों के निराकरण हेतु प्रधान जिला न्यायाधीश के द्वारा कुल 23 न्यायिक खण्डपीठों का गठन किया गया है। नेशनल लोक अदालत में राजीनामा योग्य प्रकरणों के निराकरण हेतु जिला न्यायालय शहडोल में 10 खण्डपीठों, सिविल न्यायालय ब्यौहारी में 04, सिविल न्यायालय बुढ़ार में 05 एवं सिविल न्यायालय जयसिंहनगर में 04 खण्डपीठों का गठन किया गया है। 

जिला न्यायालय शहडोल में न्यायिक अधिकारीगण क्रमशःमाननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री महेन्द्र कुमार जैन, श्री बी.एल. प्रजापति विशेष न्यायाधीश, सुश्री प्रतिभा साठवणे प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय, श्री आमोद आर्य प्रथम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, श्री प्रिवेन्द्र कुमार सेन, तृतीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश,श्रीमती प्रीति साल्वे, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, श्री मधुसूदन जंघेल तृतीय व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खंड, श्री अंजय कुमार सिंह, व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खण्ड, सुश्री विजयश्री सूर्यवंशी व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ खंड, श्री ऋषभ डोंनल सिंह , तृतीय व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ खण्ड की खण्डपीठ गठित की गई है। 

सिविल न्यायालय ब्यौहारी में न्यायिक अधिकारीगण श्री निसार अहमद जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश,  श्री कमलेश साहू व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खंड,  श्रीमती किरण वर्मा , व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ खण्ड, सुश्री रानू रिछारिया, व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ खण्ड की खण्डपीठ गठित की गई है। 

सिविल न्यायालय बुढ़ार से न्यायिक अधिकारीगण  श्रीमती सुमन उईके, अति. जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, श्री राहुल वर्मा, व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खण्ड,  श्रीमती शोभना गौतम, व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खण्ड, सुश्री आकांक्षा टेकाम, व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ खंड, श्रीमती रेखा द्विवेदी, द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ खण्ड की खण्डपीठ गठित की गई है। 

इसी प्रकार सिविल न्यायालय जयसिंहगर से न्यायिक अधिकारीगण श्री अभिषेक गोयल जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, श्रीमती प्रगति मित्रा, व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खण्ड, श्री रामअचल पाल, व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ खण्ड, श्रीमती कमला उईके, द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ खण्ड की खण्डपीठ गठित की गई है।  

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं जिला न्यायाधीश श्रीमती निशा विश्वकर्मा ने बताया कि नेशनल लोक अदालत में राजीनामा योग्य आपराधिक प्रकरण, सिविल प्रकरणों, चेक बाउन्स के प्रकरणों, पारिवारिक एवं वैवाहिक प्रकरणों, मोटर दुर्घटना दावा प्रकरणों आदि का निराकरण किया जायेगा।  

बैंक एवं वित्तीय संस्थानों के प्रीलिटिगेशन प्रकरणों का भी निराकरण किया जावेगा। नेशनल लोक अदालत के माध्यम से प्रकरणों का निराकरण होने पर संपूर्ण कोर्ट फीस की वापसी हो जाती है तथा विवाद हमेशा के लिए समाप्त हो जाता है। नेशनल लोक अदालत में नगरीय निकायों एवं विद्युत अधिनियम से संबंधित पूर्ववाद प्रकरणों में शासन के द्वारा जारी किए गए दिशा - निर्देशों के अनुसार छूट प्राप्त होगी। 

नेशनल लोक अदालत में विद्युत प्रकरणों के निराकरण हेतु दी  जाने वाली छूट में प्री-लिटिगेशन स्तर पर कंपनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 30 प्रतिशत एवं आंकलित राशि के भुगतान में चूक किये जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के पश्चात प्रत्येक छःमाही चक्रवृद्धि दर अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत की छूट दी जावेगी। 

लिटिगेशन स्तर पर  कंपनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 20 प्रतिशत एवं आंकलित राशि के भुगतान में चूक किये जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के पश्चात प्रत्येक छः माही चक्रवृद्धि दर अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत की छूट दी जावेगी, 

यह छूट नियम एवं शर्तों के तहत दी जावेगी, 09 दिसंबर 2023 (शनिवार) को आयोजित होने वाली लोक अदालत में दी जा रही छूट आंकलित सिविल दायित्व राशि रूपये 50,000/- (पचास हजार मात्र) तक के प्रकरणों के लिये सीमित रहेगी।

आवेदक को निर्धारित छूट के उपरांत शेष देय आंकलित सिविल दायित्व की राशि का एक मुश्त भुगतान करना होगा, उपभोक्ता/ उपयोगकर्ता की विचाराधीन प्रकरण वाले परिसर एवं अन्य परिसरों पर उसके नाम पर किसी अन्य संयोजन / संयोजनों के विरूद्ध विद्युत देयकों की बकाया राशि का पूर्ण भुगतान भी करना होगा। 

आवेदक के नाम पर कोई विधिक संयोजन न होने की स्थित में छूट का लाभ प्राप्त करने हेतु आवेदक द्वारा विधिक संयोजन प्राप्त करना एवं पूर्व में विच्छेदित संयोजनों के विरूद्ध बकाया राशि (यदि कोई हो) का पूर्ण भुगतान किया जाना अनिवार्य होगा।

नेशनल लोक अदालत में छूट आवेदक द्वारा विद्युत चोरी/अनाधिकृत उपयोग पहली बार किये जाने की स्थिति में ही दी जावेगी।विद्युत चोरी/ अनाधिकृत उपयोग के प्रकरणों में पूर्व की लोक अदालत/ अदालतों में छूट प्राप्त किए उपभोक्ता/उपयोगकर्ता छूट के पात्र नहीं होंगे, सामान्य विद्युत देयकों के विरूद्ध बकाया राशि पर कोई छूट नहीं दी जावेगी।

यह छूट मात्र नेशनल लोक अदालत 09 दिसम्बर 2023 में समझौता करने के लिए ही लागू रहेगी। अपराध शमन फीस अधिनियम के प्रावधान अनुसार वसूल की जावगी। 

नेशनल लोक अदालत में नगरीय निकाय के प्री-लिटिगेशन प्रकरणों में निम्नानुसार छूट दी जावेगी, संपत्तिकर के ऐसे प्रकरण जिनमें कर तथा अधिभार की राशि 50 हजार रूपये तक बकाया है, मात्र अधिभार में 100 प्रतिशत तक की छूट, संपत्तिकर के ऐसे प्रकरण, जिनमें कर तथा अधिभार की राशि 50 हजार रूपये से अधिक परंतु 1 लाख रूपये तक बकाया है, मात्र अधिभार में 50 प्रतिशत तक की छूट।

संपत्तिकर के ऐसे प्रकरण जिनमें कर तथा अधिभार की राशि 1 लाख रूपये से अधिक बकाया है मात्र अधिभार में 25 प्रतिशत तक की छूट, जलकर एवं उपभोक्ता प्रभार के ऐसे प्रकरण जिनमें कर/ उपभोक्ता प्रभार तथा अधिभार की राशि 10 हजार रूपये  तक बकाया है, मात्र अधिभार में 100 प्रतिशत तक की छूट। 

जलकर एवं उपभोक्ता प्रभार के ऐसे प्रकरण जिनमें कर/उपभोक्ता प्रभार तथा अधिभार की राशि 10 हजार रूपये से अधिक परन्तु 50 हजार रूपये तक बकाया है, मात्र अधिभार में 75 प्रतिशत तक की छूट, जलकर एवं उपभोक्ता प्रभार के ऐसे प्रकरण जिनमें कर/उपभोक्ता प्रभार तथा अधिभार की राशि 50 हजार रूपये से अधिक बकाया है, मात्र अधिभार में 50प्रतिशत तक की छूट, यह छूट मात्र एक बार ही दी जावेगी। 

09 दिसंबर 2023 की नेशनल लोक अदालत के लिए यह छूट वित्तीय वर्ष 2022-2023 तक की बकाया राशि पर देय होगी, छूट उपरांत राशि अधिकतम दो किश्तों में जमा करवाई जा सकेगी, जिसमें कम से कम 50 प्रतिशत राशि लोक अदालत के दिन जमा करवाना अनिवार्य होगा तथा शेषराशि अधिकतम एक माह में जमा करना अनिवार्य होगा। 

नेशनल लोक अदालत में निराकृत होने वाले प्रकरणों के संबंध में विधिक प्रावधानों की जानकारी हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला न्यायालय शहडोल के कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है।

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