शिक्षा के क्षेत्र में सेवा देने वाले होते हैं भाग्यशाली - कमिश्नर बी.एस.जामोद 
संपादक वीरेन्द्र प्रताप सिंह DRMS NEWS 8962637936
DRMS NEWS शहडोल। कमिश्नर शहडोल संभाग बी.एस. जामोद ने कहा है कि शिक्षा के क्षेत्र में सेवा देने वाले भाग्यशाली होते हैं, जिन्हें ईश्वर ने विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने का अवसर दिया है। आप सभी शिक्षक शहडोल संभाग में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, यह बहुत ही सौभाग्य की बात है।
सभी शिक्षक विद्यार्थियों को अपनत्व के साथ पढ़ाएं
उन्होंने कहा कि सभी शिक्षक विद्यालय में विद्यार्थियों को अपनत्व एवं वात्सल्य के साथ पढ़ाएं, जैसे हम अपने बच्चों को पढ़ाते हैं, जिससे विद्यार्थी बिना किसी संकोच के अपने समस्याओं को आपके समक्ष रख सके तथा शिक्षकों की भी जिम्मेदारी है कि उनके समस्याओं का निदान बड़े ही सहज तरीके से कराएं।
कमिश्नर ने कहा कि स्कूल का ऐसा माहौल बनाएं कि विद्यार्थी खुद उत्साहित मन के साथ विद्यालय आए। उन्होंने कहा कि विद्यालय में विद्यार्थियों को जो टॉपिक या सब्जेक्ट समझ नहीं आते, उन्हें वह टॉपिक और सब्जेक्ट खेल-खेल के माध्यम से भी समझाया जाए तथा शिक्षा प्रदान की जाए।
संभाग स्तरीय मोटिवेशनल शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम को कमिश्नर ने किया संबोधित
कमिश्नर शहडोल संभाग बी.एस. जामोद 13 मई 2024 को कन्या शिक्षा परिसर अनूपपुर में आयोजित संभाग स्तरीय मोटिवेशनल शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम उन्मेष में शिक्षकों संबोधित कर रहे थे।
प्रदेश में पांचवा स्थान पाने पर अनूपपुर के शिक्षकों को कमिश्नर ने दी बधाई
कमिश्नर शहडोल संभाग ने अनूपपुर जिले को प्रदेश में पांचवा स्थान अर्जित करने पर शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि हमें शिक्षा पद्धति को बेहतर बनाने की फॉर्मेलिटी नहीं करनी है, अपितु बच्चों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा देना है और बच्चों को नई-नई तकनीक भी सिखानी है।
सभी शिक्षक ऐसा माहौल तैयार करें, जिससे बच्चा अपने मन से पूरे ऊर्जा के साथ विद्यालय प्रतिदिन आए
उन्होंने कहा कि शहडोल संभाग में सभी शिक्षक ऐसा माहौल तैयार करें, जिससे बच्चा अपने मन से पूरे ऊर्जा के साथ विद्यालय प्रतिदिन आए। उन्होंने कहा कि अगर शिक्षक सकारात्मक भावना से विद्यार्थियों को पढ़ाएंगे, तो विद्यार्थियों में भी सकारात्मक पढ़ाई की भावना जागृत होगी और वह पढ़ाई में सकारात्मक परिणाम ला सकेंगे।
सभी शिक्षकों को समाज के प्रति संवेदनशील होना चाहिए, शिक्षक समाज के नींव होते हैं
कमिश्नर ने कहा कि सभी शिक्षकों को समाज के प्रति संवेदनशील होना चाहिए। शिक्षक समाज के नींव होते है, वह नीव को जितना मजबूत करेंगे, समाज उतना मजबूत बनता जाएगा।
उन्होंने कहा कि जो शिक्षक जहां पदस्थ है, वह संकल्प लें कि उस गांव का कोई भी बच्चा पढ़ाई से वंचित नहीं रहेगा। वहां ज्ञान का दीप अवश्य जलेगा।
उन्होंने कहा कि आप जिस भी गांव में पदस्थ हैं, उस गांव को विकसित बनाने का कार्य आपका है। सभी विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा देकर उन्हें एक बेहतर भविष्य प्रदान करना आपकी जिम्मेदारी है।
विद्यार्थियों के जीवन में शिक्षक की महत्वपूर्ण भूमिका है
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत तन्मय वशिष्ठ शर्मा ने कहा कि विद्यार्थियों के जीवन में शिक्षक की महत्वपूर्ण भूमिका है, जो विद्यार्थियों को जीवन में नए सपने और लक्ष्यों की ओर प्रेरित करते हैं।
शिक्षा एक शक्तिशाली और महत्वपूर्ण उपकरण है जो हमें ज्ञान, उच्चतम सोच और सकारात्मकता की ओर आगे बढ़ाता है। सभी शिक्षक समर्पण भाव से विद्यालय में विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान करें।
उन्होंने कहा कि यह जो प्रशिक्षण है, वह विद्यार्थियों के जीवन बदलने का एक अवसर है, इस अवसर को आप अपने जीवन में उतारे तथा विद्यार्थियों के जीवन में ज्ञान का उजाला लाएं। कार्यक्रम को उपयुक्त जनजातीय कार्य विभाग श्रीमती उषा सिंह ने भी संबोधित किया।
कार्यक्रम में शिक्षक विनीत गर्ग, विष्णु सिंह, सरोज मरकाम, शिवदयाल सोनी, छोटेलाल सिंह सहित अन्य शिक्षको ने भी अपने विचार व्यक्त किए। शिक्षकों को पिरामल फाऊंडेशन के प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
कार्यक्रम में वीडियो के माध्यम से शिक्षकों को शिक्षा पद्धति में विद्यार्थियों से व्यवहार, विचार, समन्वय एवं मार्गदर्शन संबंधी बातें भी बताई जा रही है। कार्यक्रम में सहायक संचालक जनजातिया कार्य विभाग श्री अशोक शर्मा सहित शिक्षक गण उपस्थित थे।
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