
drms news (मानपुर-उमरिया)। ग्रामीण क्षेत्र में इन दिनों प्रतिदिन सैकड़ों मरिज अवैध पैथोलॉजी के जाल में फंसकर आर्थिक शोषण का शिकार हो रहे हैं अवैध पैथोलॉजी के कारोबार से समाज के नामी ग्रामीण लोग भी शामिल हैं लिहाजा उनके खिलाफ प्रशासन कार्रवाई करने से कतराता है मरीजों की जिंदगी पूरी तरह भगवान के रहमों करम पर निर्भर है
समाजसेवी मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि मानपुर के मानपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का हाल बेहाल है, वहीं दूसरी तरफ झोलाछाप डॉक्टरों की वजह से मरीजों की जान आफत में है ना केवल डॉक्टर बल्कि पैथोलॉजी और एक्स-रे का बोर्ड लगाकर ताला बांधवगढ़ में फर्जीवाड़े का खेल चल रहा है। झुग्गी झोपड़ियों तक में डॉक्टर के बोर्ड लगे हुए हैं, जहां मरीजों का आर्थिक शोषण जारी है ताला (बांधवगढ़) मुख्यालय में ही खून जांच सहित अन्य जांचों के नाम पर टैक्निशयनों ने दुकान खोल रखी है
बढ़ा मरीजों पर आर्थिक दबाव
ताला बस स्टैंड के आगे पेट्रोल पंप स्थित प्रतिमा पैथॉलाजी लैब के द्वारा चिकित्सकों के सहारे चल रही अधिकांश चिकित्सक मरीज को रक्त या अन्य जांच करने के लिए मजबूर कर देते हैं जहां जरूरत ना हो वहां भी पैथोलॉजी जांच करना अब चिकित्सकों की आदत बन गई है जिसका आर्थिक दबाव मरिज पर पड़ता है।
मानपुर जनपद मुख्यालय के ताला बांधवगढ़ में रामबहादुर यादव नामक व्यक्ति द्वारा प्रतिमा पैथोलॉजी का संचालन ताला बस स्टैंड के आगे पेट्रोल पंप के पास संचालित है, जो नियमों के विरुद्ध संचालित हो रहा है जबकि प्रतिमा पैथॉलाजी के नाम बोर्ड लगा है और लैब में रामबहादुर यादव बैठते हैं जो की नियम विरुद्ध है उसी का फायदा उठाकर रामबहादुर यादव नियम विरुद्ध प्रतिमा पैथोलॉजी का संचालन कर रहे हैं लेकिन जिम्मेदार जानकर भी अनजान हैं
किराए की डिग्री की आड़ में चल रही पैथोलॉजी
स्वास्थ्य विभाग ने जिले में संचालित पैथोलॉजी लैबों की खुली छूट दे रखी है सुप्रीम कोर्ट के नए नियम के अनुसार पैथोलॉजी लैब चलाने के लिए अब सिर्फ एमडी पैथोलॉजिस्ट ही मानय होंगे, लेकिन इसके उलट बी फार्मा वा गायनोकोलॉजी डिग्री वाले लैब चला रहे हैं। सूत्रों की माने तो कथित लैब संचालक द्वारा लगाई गई डॉक्टर की डिग्री किराए पर लेकर संचालित की जा रही है खबर है कि उक्त डाक्टर की डिग्री के द्वारा कई पैथोलॉजी संचालित हो रही है
क्या है मध्य प्रदेश शासन व इंडियन मेडिकल काउंसिल गाइडलाइन ...?
मध्य प्रदेश शासन व इंडियन मेडिकल काउंसिल के नियमों व प्रावधानों के अनुसार नियमानुसार पैथोलॉजी लैब का संचालन नहीं करने पर संचालकों पर एफआईआर करने के साथ कानूनी धाराएं लगाकर कार्यवाही करने का प्रावधान है, वहीं सुप्रीम कोर्ट और मेडिकल काउंसिल के अनुसार मेडिकल साइंस में विशेषज्ञ भी वही कहलाएगा जो एमबीबीएस के बाद पीजी डिग्री या डिप्लोमाधारी हो। स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर अवैध लैब को प्रतिबंधित करने कितने कारगर कदम उठाए गए हैं यह लैबों के संचालन तथा विभाग के दस्तावेजों को देखकर सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है
जिम्मेदार मीटिंग में व्यस्त
मानपुर जनपद मुख्यालय सहित अन्य ग्रामीण अंचलों में नियमों की विपरीत पैथोलॉजी का संचालन हो रहा है इसके अलावा झोलाछाप सहित अन्य किसी बात को लेकर स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार जवाब देने से बचने के नए-नए बहाने निकालते रहते हैं जब इस संबंध में विकासखंड अधिकारी से जानकारी चाहने की कोशिश की गई तो उनके द्वारा फोन उठाना भी उचित नहीं समझा।
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