drms news (मानपुर-उमरिया)। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के बफर जोन क्षेत्र में अवैध रेत खनन का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। जहां एक ओर बफर जोन को वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण संतुलन के लिए संवेदनशील क्षेत्र घोषित किया गया है, वहीं दूसरी ओर यहां खुलेआम नियमों की अनदेखी करते हुए रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन किया जा रहा है।
क्या कहते हैं बफर जोन के नियम .......?
बफर जोन में लागू नियमों के अनुसार वन क्षेत्र के भीतर किसी भी प्रकार का खनन पूर्णतः प्रतिबंधित होता है। बिना अनुमति भारी वाहन, ट्रैक्टर या मशीनरी का प्रवेश वर्जित है। प्राकृतिक संसाधनों जैसे रेत, पत्थर, लकड़ी आदि का दोहन गैरकानूनी माना जाता है। वन्यजीवों के आवास और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। इसके बावजूद स्थानीय लोगों का आरोप है कि फॉरेस्ट क्षेत्र के अंदर से ही रेत निकालकर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के माध्यम से खुलेआम परिवहन किया जा रहा है।
प्रशासन पर उठ रहे सवाल ....?
क्षेत्र में वन विभाग के रेंजर, डिप्टी डायरेक्टर, पुलिस चौकी सहित कई जिम्मेदार अधिकारी तैनात हैं, लेकिन अवैध खनन पर रोक नहीं लग पा रही है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर किसके संरक्षण में यह पूरा खेल चल रहा है ........ ?
स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि नियमों के अनुसार जहां एक भी भारी वाहन का प्रवेश प्रतिबंधित है, वहां से लगातार रेत का परिवहन होना अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि तथाकथित “सफेदपोश” लोगों के संरक्षण में यह अवैध कारोबार संचालित हो रहा है।
पर्यावरण और वन्यजीवों पर खतरा .....
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह का अवैध खनन न केवल पर्यावरण संतुलन को बिगाड़ता है, बल्कि वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास को भी नुकसान पहुंचाता है। इससे भविष्य में गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस पूरे मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या अवैध रेत खनन पर प्रभावी कार्रवाई कर पाता है या नहीं।
बांधवगढ़ में सफेद पोस नेता अपने बेटे से ही करवा रहा है रेत का अवैध कारोबार
लोगों द्वारा बताया जा रहा है कि हम बांधवगढ़ नेशनल पार्क में अपने आप को तथाकथित नेता बताने वाला एवं सफेद पोस्ट वाला नेता अपने ही बेटे से इन दोनों रेट का खुलेआम कारोबार कर रहा है बताया जा रहा है जिसके सामने प्रशासन भी लाचार दिखता नजर आ रहा है इतना ही नहीं पूर्व में वहां के वहां के वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारियों के द्वारा ट्रैक्टर पर पड़कर कार्रवाई की गई थी, लेकिन नेता की पकड़ एवं पहुंच के कारण बाद में वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारियों को झुकना पड़ा और उसके ट्रैक्टर को छोड़ना पड़ा।
यह भी बताया जा रहा है कि इन दिनों वह सफेद पोस्ट नेता अपने बेटे के द्वारा रात के समय खुलेआम वन विभाग के अंदर एवं फॉरेस्ट जहां जाना लोगों को मन होता है वहां से रात के समय रेत की निकासी की जाती है और उसके बावजूद भी किसी भी प्रकार की कोई वन विभाग एवं पुलिस प्रशासन या खनिज विभाग की कार्यवाही दिखते नहीं नजर आ रही है।
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