
drms news (मानपुर-उमरिया)। भाजपा मानपुर विधानसभा के सोशल मीडिया संयोजक नितिन मिश्रा ने समाज में बढ़ती चुनौतियों, सांस्कृतिक जागरूकता, आत्मरक्षा, संगठन और सनातन मूल्यों की आवश्यकता को लेकर विस्तृत वक्तव्य जारी किया है। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज को अपनी मूल शक्ति, परंपरा और गौरवशाली इतिहास को पुनः स्मरण करने की आवश्यकता है। ज्ञान और शक्ति के संतुलन से ही राष्ट्र सुरक्षित, समृद्ध, आत्मनिर्भर और सर्वशक्तिमान बन सकता है।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में शास्त्र ज्ञान, नीति, धर्म, मर्यादा और सदाचार का प्रतीक है, जबकि शस्त्र साहस, सुरक्षा, आत्मरक्षा और अन्याय के प्रतिकार का प्रतीक माना गया है। हमारे देवी-देवताओं के हाथों में शस्त्र और शास्त्र दोनों विद्यमान हैं, जो यह संदेश देते हैं कि समाज के उत्थान के लिए ज्ञान और शक्ति दोनों आवश्यक हैं।
नितिन मिश्रा ने कहा कि मां दुर्गा, भगवान शिव, भगवान श्रीराम, भगवान विष्णु के अवतार भगवान परशुराम सहित अनेक दिव्य शक्तियों ने अधर्म, अन्याय और अत्याचार के विनाश के लिए शस्त्र धारण किए। उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम केवल महान योद्धा ही नहीं, बल्कि आदर्श शिक्षक, तपस्वी और धर्मरक्षक भी थे। भगवान परशुराम ने दुष्ट शक्तियों का विनाश कर समाज में न्याय, धर्म और मानवता की स्थापना का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम का जीवन आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। वे शक्ति, साहस, अनुशासन और धर्म रक्षा के प्रतीक हैं। उन्होंने बताया कि जब-जब धरती पर अधर्म बढ़ता है, तब-तब ईश्वर विभिन्न रूपों में अवतरित होकर सज्जनों की रक्षा और दुष्टों के विनाश का कार्य करते हैं। यह सनातन धर्म की महान परंपरा रही है।
नितिन मिश्रा ने कहा कि आज के समय में समाज अनेक प्रकार की चुनौतियों से घिरा हुआ है। सामाजिक विघटन, सांस्कृतिक भ्रम, नैतिक पतन और संगठित षड्यंत्रों के कारण समाज कमजोर होता जा रहा है। ऐसे समय में युवाओं को जागरूक होकर राष्ट्र, समाज और संस्कृति की रक्षा के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज में शिक्षा, संगठन, संस्कार और सुरक्षा की भावना को मजबूत करना अत्यंत आवश्यक है। यदि समाज अपने इतिहास, परंपरा, धर्म और गौरव को समझेगा, तभी आने वाली पीढ़ियां सुरक्षित भविष्य प्राप्त कर सकेंगी।
नितिन मिश्रा ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे अपने धर्म, संस्कृति और राष्ट्र के प्रति सजग रहें, आत्मनिर्भर बनें, संगठित रहें तथा समाजहित में कार्य करें। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण केवल सरकारों से नहीं, बल्कि जागरूक नागरिकों से होता है। जब समाज ज्ञान और शक्ति दोनों से सशक्त होगा, तभी भारत विश्वगुरु बनने की दिशा में और तेजी से आगे बढ़ेगा। आगे उन्होंने कहा कि शास्त्र से विचार मजबूत होते हैं और शस्त्र से सुरक्षा सुनिश्चित होती है। इसलिए दोनों का संतुलन ही समाज और राष्ट्र की उन्नति का आधार है।
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