
drms news (मानपुर-उमरिया)। नगर परिषद मानपुर का मुख्य मार्ग और स्टेट हाईवे इन दिनों शराब दुकानों के आसपास बन रहे असामाजिक माहौल और अव्यवस्था को लेकर चर्चा में है। जिस रास्ते से रोजाना स्कूली बच्चे गुजरते हैं, वहीं खुलेआम शराब सेवन, भीड़ और संदिग्ध गतिविधियों की शिकायतों ने स्थानीय लोगों में नाराज़गी बढ़ा दी है। मामला अब जिला कलेक्टर तक पहुंच गया है।
समाज सेवी मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि स्थानीय निवासी रवि सेन ने कलेक्टर को सौंपे गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि सार्वजनिक स्थानों पर शराब सेवन और असामाजिक तत्वों की मौजूदगी से बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा का माहौल और रिहायशी क्षेत्र का सामाजिक वातावरण प्रभावित हो रहा है।
शिकायत में शराब ठेकेदार द्वारा क्षेत्र में खुलेआम परोसी जा रही शराब की अवैध पैकारी का भी आरोप लगाया गया है। कहा गया है कि शराब ठेकेदारों द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों तक अवैध रूप से शराब की आपूर्ति की जा रही है, जो आबकारी नियमों का उल्लंघन है और युवाओं को नशे की ओर धकेल रहा है।मामले में अब आबकारी नीति और न्यायिक निर्देशों के अनुपालन पर भी सवाल उठ रहे हैं।
मध्य प्रदेश आबकारी नीति तथा उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुसार राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों से शराब दुकानों की निर्धारित दूरी सुनिश्चित किए जाने का प्रावधान है, जिसे सामान्यतः लगभग 500 मीटर तथा ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 220 मीटर माना जाता है।
इसके बावजूद स्थानीय लोगों का आरोप है कि मानपुर क्षेत्र में स्टेट हाईवे के किनारे ही शराब दुकानें संचालित हो रही हैं। वहीं बिजौरी तिराहा जैसे रिहायशी क्षेत्र में स्थित शराब दुकान क्रमांक 2 को लेकर भी पहले विरोध सामने आ चुका है, जहाँ क्षेत्रवासियों ने इसे घनी आबादी वाला आवासीय इलाका बताते हुए आपत्तियाँ दर्ज कराईं थीं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रिहायशी क्षेत्र और सार्वजनिक आवागमन वाले तिराहे पर शराब दुकान की मौजूदगी से लगातार असुविधा और असामाजिक गतिविधियों का माहौल बनता है। आरोप है कि पूर्व में अनुविभागीय दंडाधिकारी मानपुर को कई बार लिखित शिकायतें देने के बावजूद अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का तर्क है कि नियमों का उद्देश्य केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि जमीन पर उनका सख्ती से पालन होना चाहिए—खासकर तब जब मामला रिहायशी क्षेत्र और स्कूल मार्ग से जुड़ा हो
जिले की नवागत कलेक्टर राखी सहाय से शिकायती आवेदन पत्र देकर प्रमुख मांग की गई है कि मानपुर शराब दुकान का राजस्व, पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त जांच कराई जाए रिहायशी क्षेत्र (बिजौरी तिराहा) और स्कूल मार्ग के संदर्भ में दुकानों की वैधता की पुनः समीक्षा कराई जाए पूर्व में दी गई शिकायतों पर कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट की जाए अवैध पैकारी और सार्वजनिक शराब सेवन पर सख्त कार्रवाई की जाए नियम विरुद्ध पाए जाने पर दुकानों के स्थानांतरण पर विचार किया जाए अब पूरा मामला जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिका है कि वह इन गंभीर आरोपों पर क्या रुख अपनाता है।
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