
संपादक वीरेन्द्र प्रताप सिंह कृपया http://www.drmsnews.online वेबसाइट को शेयर, लाईक व लाइव जरूर करें और विज्ञापन व समाचारों के लिए संपर्क करें
drms news (मानपुर-उमरिया)। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने और मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से आयुष्मान भारत, जननी सुरक्षा योजना, मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना तथा 108-102 एम्बुलेंस सेवा जैसी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इसके बावजूद उमरिया जिले के मानपुर एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को लेकर स्थानीय स्तर पर गंभीर चिंताएं सामने आ रही हैं।
रेफरल सेंटर बना मानपुर अस्पताल
यह जानकारी देते हुए मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मानपुर में वर्तमान में महिला डॉक्टर की अनुपलब्धता बताई जा रही है, जिससे विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं और महिला मरीजों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार प्रसव अथवा जटिल स्थिति में मरीजों को अक्सर उमरिया या शहडोल रेफर किया जाता है स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रसव जैसी संवेदनशील स्थिति में लंबी दूरी तय करना परिजनों के लिए चिंता का कारण बनता है, जिससे स्थानीय स्तर पर प्रसूति सेवाओं को मजबूत किए जाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
इसके अलावा, क्षेत्र में आए दिन होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में घायल मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद उच्च स्तरीय उपचार के लिए रेफर किया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि आपात स्थिति में समय पर बेहतर उपचार न मिलने से मरीजों और परिजनों की परेशानी बढ़ जाती है।
स्टॉफ की कमी दो डॉक्टरों के भरोसे पूरा क्षेत्र
जानकारी के अनुसार, मानपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 2 डॉक्टर पदस्थ हैं, जबकि अमरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक डॉक्टर के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं संचालित होने की बात सामने आई है। ग्रामीणों का यह भी मानना है कि यह संख्या क्षेत्र की जरूरतों के हिसाब से पर्याप्त नहीं है। यहां के लोगों के अनुसार, क्षेत्र के कई आरोग्य केंद्र नियमित रूप से संचालित नहीं हो पा रहे हैं, जिसके कारण प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। वहीं इंदवार उप स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर की मांग लंबे समय से बनी हुई है, जबकि बिजौरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भी नियमित चिकित्सकीय सेवाओं की आवश्यकता जताई जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों द्वारा ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित समीक्षा और प्रभावी निगरानी जरूरी है, ताकि योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर पर अधिक प्रभावी ढंग से मिल सके।
जिम्मेदार परिचित ,फिर भी सुधार की गति धीमी
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि कोरोना काल जैसे कठिन समय में मानपुर क्षेत्र में बीएमओ के रूप में सेवाएं दे चुके वरिष्ठ चिकित्सक वर्तमान में जिले के स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। स्थानीय परिस्थितियों और क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था से उनका पूर्व अनुभव होने के बावजूद ग्रामीणों के बीच यह चर्चा बनी हुई है कि अपेक्षित स्तर पर सुधार और प्रभावी बदलाव नहीं दिख रहे हैं। क्षेत्रवासियों का मानना है कि ऐसे अनुभव के आधार पर ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत किए जाने की आवश्यकता है।
महिला अधिकारियों से आस
जिले और मानपुर तहसील की प्रशासनिक जिम्मेदारी महिला अधिकारियों के हाथों में होने के कारण क्षेत्रीय महिलाओं को अपेक्षा है कि प्रसूति सेवाओं से जुड़े गंभीर मुद्दों पर शीघ्र और प्रभावी कार्यवाही की जाएगी, जिससे महिलाओं को स्थानीय स्तर पर सुरक्षित स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
क्षेत्रवासियों ने जिले की नवागत कलेक्टर, क्षेत्रीय विधायक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO), तथा अनुविभागीय दंडाधिकारी मानपुर से मांग की है कि मानपुर सहित पूरे क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था का निरीक्षण कर महिला डॉक्टर की पदस्थापना, प्रसूति सेवाओं को सुदृढ़ करने, आरोग्य केंद्रों को नियमित रूप से संचालित करने, रिक्त पदों की पूर्ति तथा आपातकालीन सेवाओं के विस्तार के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
संपादक वीरेन्द्र प्रताप सिंह कृपया http://www.drmsnews.online वेबसाइट को शेयर, लाईक व लाइव जरूर करें और विज्ञापन व समाचारों के लिए संपर्क करें। आपका सहयोग हमारे लिए अमूल्य है, बहुत बहुत धन्यवाद आभार। डिस्क्लेमर : यहां पर दिया गया प्रसारित व प्रकाशित विज्ञापन/समाचार, हमें विभिन्न सूत्रों से मिली जानकारी पर आधारित है, जिसे केवल सूचना के लिए दी जा रही है drms news व संपादक इसकी पुष्टि नही करता और ना ही जिम्मेदार है। 8962637936
0 टिप्पणियाँ