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मानसून में नहीं थमेगा पर्यटन, बांधवगढ़ में विकसित होंगी नई पर्यटन गतिविधियां

संपादक वीरेन्द्र प्रताप सिंह कृपया http://www.drmsnews. online वेबसाइट को शेयर, लाईक व लाइव जरूर करें और विज्ञापन व समाचारों के लिए संपर्क करें

drms news (मानपुर-उमरिया)बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में मानसून सीजन के दौरान पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने और स्थानीय रोजगार के नए अवसर सृजित करने के उद्देश्य से दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ गुरुवार को एमपी टूरिज्म के व्हाइट टाइगर फॉरेस्ट लॉज में हुआ। देशभर से आए पर्यटन विशेषज्ञों, होटल व्यवसायियों, ट्रैवल एजेंटों और अन्य हितधारकों की मौजूदगी में पर्यटन, वन विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने पर्यटन विकास के लिए संयुक्त रूप से कार्य करने का संकल्प लिया।

उमरिया कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय ने कहा कि जिला पर्यटन की अपार संभावनाओं से भरपूर है, जिन्हें अभी पूरी तरह तलाशा जाना बाकी है। उन्होंने बताया कि मानसून काल में पर्यटन गतिविधियों में कमी आने से स्थानीय रोजगार प्रभावित होता है, लेकिन पर्यटन एवं वन विभाग के समन्वित प्रयासों से जिले में वर्षभर पर्यटन को सक्रिय रखा जा सकता है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि उमरिया हवाई पट्टी के रनवे विस्तार की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी, जिससे भविष्य में व्यावसायिक उड़ानों का संचालन संभव हो सकेगा।

समाज सेवी मनोज श्रीवास्तव को कार्यशाला में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर अनुपम सहाय ने बताया कि बांधवगढ़ को हाल ही में देश के सर्वश्रेष्ठ वाइल्डलाइफ डेस्टिनेशन का सम्मान मिला है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय होटल व्यवसायियों, गाइडों और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े सभी हितधारकों को दिया। उन्होंने कहा कि 130 गांवों से घिरे बांधवगढ़ में बढ़ते वन्यजीव दबाव को चुनौती के साथ अवसर के रूप में भी देखने की आवश्यकता है, जो भविष्य में रोजगार सृजन का माध्यम बन सकता है।

मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड (एमपीटीबी) के साहसिक पर्यटन के संयुक्त संचालक डॉ. एस.के. श्रीवास्तव ने कहा कि पर्यटन का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। अब पर्यटक केवल टाइगर सफारी तक सीमित नहीं रहना चाहते। उन्होंने बताया कि जंगलों में ट्रैकिंग, बर्ड वाचिंग, स्टार गेजिंग और साइकिलिंग एक्सपीडिशन जैसी गतिविधियों की लोकप्रियता बढ़ रही है।उन्होंने कहा कि कई बार टाइगर नहीं दिखने पर पर्यटक निराश हो जाते हैं, जबकि प्रकृति और जैव विविधता आधारित अन्य गतिविधियां उन्हें बेहतर अनुभव प्रदान कर सकती हैं। 

स्थानीय गाइडों को इतिहास, संस्कृति और प्रकृति पर्यटन की जानकारी देने के लिए एमपीटीबी प्रशिक्षण भी देगा। पर्यटकों की सुरक्षा के लिए बीमा सुविधा शुरू करने की तैयारी भी की जा रही है। वहीं मुंबई की अतावी बर्ड फाउंडेशन की अक्षिता महापात्र ने बताया कि संस्था जल्द ही बांधवगढ़ में बर्ड वाचिंग कार्यक्रम शुरू करेगी। इसके लिए उपयुक्त स्थलों की पहचान की जा रही है। उन्होंने बताया कि बांधवगढ़ में 320 से अधिक पक्षी प्रजातियां पाई जाती हैं और मध्यप्रदेश में देश की कुल पक्षी प्रजातियों का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा मौजूद है। एमपीटीबी बर्ड वाचिंग गतिविधियों के लिए दूरबीन (बाइनोकुलर) भी उपलब्ध कराएगा।

वर्ष 2008 से हिमालय और अन्य पर्वतीय क्षेत्रों में ट्रैकिंग का संचालन कर रही इंडिया हाइक्स के प्रतिनिधि नीतेश कुमार जे ने कहा कि मध्यप्रदेश में ट्रैकिंग के लिए कई उत्कृष्ट स्थलों की संभावनाएं हैं, जिन्हें विकसित किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि उनकी संस्था वर्तमान में पेंच और पन्ना में ट्रैकिंग गतिविधियां संचालित कर रही है।

डेयर टू गियर के संचालक तरुण वाधवा ने सामुदायिक पर्यटन एवं साइकिलिंग एक्सपीडिशन के महत्व पर प्रकाश डाला, जबकि रणदीप जग्गी ने आपदा प्रबंधन, सीपीआर और एडवेंचर गतिविधियों के दौरान सुरक्षा उपायों पर विस्तृत जानकारी दी।

महाराष्ट्र में लोकप्रिय केरावैन (कारवां) वाहन भी अब बांधवगढ़ पहुंच चुका है। इसके संचालक सचिन पांचाल ने बताया कि यह मोबाइल टूरिज्म को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां पर्यटन अधोसंरचना सीमित है। रिसॉर्ट और होमस्टे संचालक भी इस मॉडल से जुड़ सकते हैं। कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक डॉ. इलैया राजा टी और मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम के प्रबंध संचालक दिलीप यादव भी जुड़े।

डॉ. इलैया राजा टी ने कहा कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व को देश का आदर्श (रोल मॉडल) टाइगर रिजर्व बनाने की दिशा में कार्य किया जाना चाहिए। उन्होंने कोर और बफर क्षेत्र में सफारी संचालन के दौरान सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइनों का पालन सुनिश्चित करने, प्रशिक्षित ड्राइवरों और विदेशी पर्यटकों के लिए दक्ष गाइड उपलब्ध कराने पर बल दिया।

कलेक्टर राखी सहाय ने पर्यटन विकास के लिए उमरिया एयरस्ट्रिप के रनवे विस्तार तथा महत्वपूर्ण ट्रेनों के उमरिया स्टेशन पर ठहराव की आवश्यकता का मुद्दा उठाया। इस पर एमपीटीबी प्रबंध संचालक ने आवश्यक प्रयास करने का आश्वासन दिया। वहीं, पर्यटन निगम के एमडी दिलीप यादव ने बांधवगढ़ में सस्टेनेबल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए कचरा संग्रहण और निष्पादन व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया। 

उन्होंने कहा कि इस दिशा में आवश्यक वित्तीय सहयोग भी उपलब्ध कराया जाएगा। होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष ज्ञानेन्द्र तिवारी ने बांधवगढ़ दिवस आयोजित करने का सुझाव दिया, जिस पर एमपीटीबी प्रबंधन ने इसे राष्ट्रीय स्तर का आयोजन बनाने की संभावना व्यक्त की। कार्यशाला में एमपीटीबी, वन विभाग, जिला प्रशासन, होटल एवं होमस्टे संचालकों, साहसिक पर्यटन विशेषज्ञों तथा पर्यटन क्षेत्र से जुड़े अनेक हितधारकों ने भाग लिया।

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