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मानपुर का किसान पूछ रहा है, क्या वनाधिकार का अधिकार खाद के बिना अधूरा है .. ? : विजय गौतम कांग्रेस नेता


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drms news (शहडोल)मानपुर जनपद के वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले हजारों आदिवासी किसान इन दिनों एक ऐसी समस्या से जूझ रहे हैं, जो सीधे उनकी खेती और आजीविका से जुड़ी हुई है। यह किसी योजना का विरोध नहीं, बल्कि उन किसानों की आवाज है जिन्हें शासन ने वनाधिकार अधिनियम के तहत भूमि का अधिकार तो दिया, लेकिन समय पर खाद उपलब्ध न होने के कारण वे अपनी खेती को लेकर चिंतित हैं।

सरकार ने उर्वरक वितरण को पारदर्शी बनाने के लिए ई-विकास प्रणाली लागू की है, जिसका उद्देश्य किसानों को सुगमता से खाद उपलब्ध कराना है। लेकिन मानपुर क्षेत्र के अनेक वनाधिकार पट्टाधारी किसानों को आज भी खाद प्राप्त करने के लिए अतिरिक्त सत्यापन प्रक्रियाओं का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासनिक प्रक्रिया अपनी जगह आवश्यक हो सकती है, लेकिन खेती का मौसम किसी कार्यालयी देरी का इंतजार नहीं करता।

आज जिन किसानों के पास वैध वनाधिकार पट्टे हैं, वे वर्षों से अपनी जमीन पर धान, मक्का, कोदो, कुटकी और अन्य फसलें उगा रहे हैं। उनकी पहचान कागजों से नहीं, बल्कि खेतों में बहाए गए पसीने से होती है। ऐसे किसानों को यदि समय पर खाद नहीं मिलती, तो उसका सीधा असर उनकी फसल और परिवार की आर्थिक स्थिति पर पड़ता है।

मेरा मानना है कि जिन किसानों को शासन स्वयं भूमि का अधिकार दे चुका है, उनके मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण होना चाहिए। विशेष रूप से खरीफ सीजन के दौरान किसी भी प्रकार की देरी किसानों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। वनांचल क्षेत्रों से तहसील और जिला मुख्यालय तक बार-बार आना अधिकांश किसानों के लिए आसान नहीं है, इसलिए व्यवस्था को किसानों के अनुकूल बनाने की आवश्यकता है।

मैं जिला प्रशासन से आग्रह करता हूं कि मानपुर जनपद में विशेष शिविर आयोजित किए जाएं, वनाधिकार पट्टाधारी किसानों के लंबित सत्यापन प्रकरणों का शीघ्र निराकरण किया जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र किसान केवल प्रक्रियागत देरी के कारण खाद से वंचित न रहे।

यह किसी राजनीतिक बहस का विषय नहीं, बल्कि किसानों के अधिकार, उनकी मेहनत और उनकी आजीविका का सवाल है। यदि खेत समय पर खाद की मांग कर रहे हैं, तो व्यवस्था को भी उसी संवेदनशीलता के साथ काम करना होगा। क्योंकि किसान की फसल इंतजार नहीं करती, और जब खेत इंतजार नहीं करते तो व्यवस्था को भी समय के साथ चलना पड़ता है।

संपादक वीरेन्द्र प्रताप सिंह कृपया http://www.drmsnews.online वेबसाइट को शेयर, लाईक व लाइव जरूर करें और विज्ञापन व समाचारों के लिए संपर्क करें। आपका सहयोग हमारे लिए अमूल्य है, बहुत बहुत धन्यवाद आभार। डिस्क्लेमर : यहां पर दिया गया प्रसारित व प्रकाशित विज्ञापन/समाचार, हमें विभिन्न सूत्रों से मिली जानकारी पर आधारित है, जिसे केवल सूचना के लिए दी जा रही है drms newsसंपादक इसकी पुष्टि नही करता और ना ही जिम्मेदार है। 8962637936

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