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drms news (मानपुर उमरिया)। म.प्र. स्थाई कर्मी कल्याण संघ भोपाल ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सरकारी वकील उपलब्ध होने के बावजूद निजी अधिवक्ता नियुक्त कर पुनर्विचार याचिका दाखिल करने पर वन विभाग के प्रधान मुख्य वन संरक्षक के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई है।
प्रेस विज्ञप्ति में संघ के प्रदेश सचिव विनोद कुमार भट्ट ने बताया कि कोर्ट ने कहा कि कर दाताओं के गाढ़ी कमाई से प्राप्त सरकारी धन की इस तरह बर्बादी स्वीकार नहीं की जा सकती। प्रधान मुख्य वन संरक्षक, वन बल प्रमुख को हाईकोर्ट द्वारा 18 सितंबर 2026 को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर जवाब देने के निर्देश 21 अगस्त 2026 को दिए गए हैं।
मामला सतना जिले की वन समितियों से जुड़े 25 श्रमिकों को न्यूनतम वेतन से संबंधित है। हाईकोर्ट ने 22 सितंबर 2022 को इन मजदूरों को न्यूनतम वेतन देने का आदेश दिया था। इस फैसले पर पुनर्विचार के लिए वन विभाग की ओर से पुनर्विचार याचिका सरकारी अधिवक्ता के बजाय निजी वकील के माध्यम से दाखिल की गई। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सरकारी अधिवक्ता जनता के ध्यान के संरक्षक हैं और उनके बजाय निजी वकील से बचा नहीं जा सकता।
हाईकोर्ट ने पूछा सवाल . . . . .
1. शासकीय अधिवक्ता उपलब्ध थे, तो निजी वकील क्यों नियुक्त किया गया और उसकी फीस सरकारी खजाने से क्यों दी गई! और 2. प्रधान मुख्य वन संरक्षक को यह भी बताना है कि निजी अधिवक्ता नियुक्ति का निर्णय किस अधिकारी ने लिया था तथा सरकारी धन पर पड़ी आर्थिक भार की जिम्मेदारी किसकी होगी।
सुरक्षा श्रमिकों को आज भी उन्हें सामाजिक सुरक्षा नहीं
संघ का कहना है कि मध्य प्रदेश में वन विभाग में कार्यरत सुरक्षा श्रमिकों के मानवाधिकारों का किया जा रहा हनन हो रहा है। मध्य प्रदेश के वन विभाग में कार्यरत सुरक्षा श्रमिक विभाग का 50% कार्य करते हैं, वर्षों से 24 घंटे अपनी जान की परवाह किए बगैर वन एवं वन्य प्राणियों की सुरक्षा करते हैं, लेकिन आज भी उन्हें सामाजिक सुरक्षा नहीं दी जाती है। इन्हें समिति श्रमिक कह कर इनका अपमान किया जाता है, जो इनके मानवाधिकार हनन की श्रेणी में आता है। वन विभाग के आला अधिकारियों के इस रवैये से श्रमिकों में काफी आक्रोश व्याप्त है।
समस्या का समाधान न होने पर होंगे धरना प्रदर्शन करने लिए बाध्य
संघ ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से मुख्यमंत्री से निवेदन किया है कि वन विभाग में कार्यरत सुरक्षा श्रमिकों को जल्द से जल्द सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की कृपा करें। जल्द समस्या का समाधान न होने पर मध्यप्रदेश स्थाई कर्मी कल्याण संघ वल्लभ भवन भोपाल में धरना प्रदर्शन करने हेतु बाध्य होगा। (सौजन्य से मनोज श्रीवास्तव, केशव विश्वकर्मा मानपुर )
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