
drms news (मानपुर उमरिया)। रेंजर के सरकारी आवास परिसर से सागौन एवं चंदन के पेड़ कटने एवं चोरी होने के मामले में शिकायतकर्ता समाज सेवी रवि सेन ने वन विभाग द्वारा सीएम हेल्पलाइन 181 की शिकायत के निराकरण के लिए प्रस्तुत प्रतिवेदन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि प्रतिवेदन में दर्ज तथ्यों की दस्तावेजी जांच आवश्यक है।
वन विभाग के 25 अगस्त 2026 के प्रतिवेदन में बताया गया है कि शिकायत की जांच वन परिक्षेत्र सहायक मानपुर द्वारा की गई तथा शिकायतकर्ता से मोबाइल पर चर्चा कर शिकायत बंद करने को कहा गया था। प्रतिवेदन के अनुसार शिकायतकर्ता ने शिकायत बंद कराने से मना कर दिया था। इसके बावजूद शिकायत का निराकरण दर्ज किया गया। रवि सेन का सवाल है कि जब उन्होंने शिकायत बंद कराने से मना किया था तो शिकायत किस आधार और प्रक्रिया के तहत निराकृत की गई
सागौन की लकड़ी का रिकॉर्ड कहां है ...?
वन विभाग के प्रतिवेदन में कहा गया है कि रेंजर बंगला परिसर का सागौन का पेड़ वर्ष 2024-25 में आंधी-तूफान के कारण आवास भवन पर गिर गया था, जिसे कटवाकर हटा दिया गया।
समाज सेवी रवि सेन ने मांग की है कि यदि पेड़ प्राकृतिक रूप से गिरा था तो उसका मौका पंचनामा, फोटोग्राफ, पेड़ एवं लकड़ी की मात्रा तथा निस्तारण संबंधी रिकॉर्ड सामने रखा जाए। साथ ही यह स्पष्ट किया जाए कि प्राप्त सागौन की लकड़ी वर्तमान में कहां है। यदि लकड़ी उमरिया डिपो भेजी गई है तो उसके परिवहन, जमा एवं स्टॉक संबंधी रिकॉर्ड भी उपलब्ध कराया जाए।
शिकायतकर्ता रवि सेन का कहना है कि यदि पेड़ गिरने और लकड़ी हटाने की प्रक्रिया नियमानुसार हुई है तो उसका दस्तावेजी रिकॉर्ड विभाग के पास होना चाहिए। वास्तविक स्थिति जांच एवं रिकॉर्ड के आधार पर ही स्पष्ट हो सकती है।
चंदन चोरी पर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल . . .?
वन विभाग के प्रतिवेदन में उल्लेख है कि 15 जुलाई 2026 की रात अज्ञात व्यक्तियों द्वारा दो चंदन के पेड़ों के तनों के कुछ हिस्से आरी से काटकर चोरी किए गए। विभाग के अनुसार मामले में एफआईआर के लिए प्रतिवेदन भेजा गया है और जांच जारी है।
रवि सेन ने सवाल उठाया कि सरकारी रेंजर आवास परिसर से चंदन के पेड़ों के हिस्से काटकर चोरी होने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर क्या कार्रवाई की गई? घटना के बाद परिसर की सुरक्षा मजबूत करने और भविष्य में ऐसी घटना रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए, इसकी जानकारी भी सामने आनी चाहिए।
लिखित शिकायतों पर भी मांगा जवाब
सामाजिक कार्यकर्ता रवि सेन के अनुसार उन्होंने इस मामले में 24 जुलाई 2026 एवं 25 अगस्त 2026 को उपसंचालक, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, उमरिया के समक्ष लिखित शिकायतें भी प्रस्तुत की थीं। उन्होंने इन शिकायतों पर हुई कार्रवाई तथा जांच की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों की भूमिका और हाल में हुए स्थानांतरणों के संदर्भ में भी निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही कहा कि किसी अधिकारी या कर्मचारी को बिना जांच दोषी ठहराना उचित नहीं है, लेकिन यदि जांच में रिकॉर्ड और वास्तविक स्थिति में अंतर अथवा नियमों की अनदेखी सामने आती है तो नियमानुसार जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
जिला कलेक्टर से निष्पक्ष जांच की मांग
शिकायतकर्ता रवि सेन ने जिला कलेक्टर उमरिया एवं वरिष्ठ वन अधिकारियों से मांग की है कि सीएम हेल्पलाइन शिकायत के निराकरण के लिए प्रस्तुत प्रतिवेदन, 24 जुलाई एवं 25 अगस्त की लिखित शिकायतों, सागौन की लकड़ी के रिकॉर्ड तथा चंदन चोरी की घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष पर आरोप लगाना नहीं, बल्कि वन संपदा एवं सरकारी संपत्ति की सुरक्षा, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित कराने के लिए वास्तविक तथ्यों को सामने लाना है। (साभार मनोज श्रीवास्तव, केशव विश्वकर्मा मानपुर )
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