
मानपुर जनपद की ग्राम पंचायतों में कच्चे रास्तों से आवागमन प्रभावित; ग्रामीणों ने तत्काल राहत और स्थायी समाधान की मांग कीसंपादक वीरेन्द्र प्रताप सिंह कृपया http://www.drmsnews.in वेबसाइट को शेयर, लाईक व लाइव जरूर करें और विज्ञापन व समाचारों के लिए संपर्क करें
drms news (मानपुर उमरिया)। लगातार बारिश के बीच मानपुर जनपद क्षेत्र की विभिन्न ग्राम पंचायतों में कच्ची सड़कें और गलियां कीचड़ में तब्दील हो गई हैं। ग्रामीणों के अनुसार कई मार्ग वर्षों से कच्चे हैं, जिससे बारिश के दौरान विद्यार्थियों, बुजुर्गों, मरीजों और दोपहिया वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
15 साल से मुरमीकरण का इंतजार
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत स्तर पर कच्चे रास्तों का मुरमीकरण लंबे समय से प्रभावी रूप से नहीं हो पाया है। उनका दावा है कि करीब 15 वर्षों से कई मार्ग मुरमीकरण की बाट जोह रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश से पहले संवेदनशील मार्गों पर मुरूम या डस्ट डालने से तत्काल राहत मिल सकती है, जबकि स्थायी समाधान के लिए इन मार्गों को चिन्हित कर निर्माण की कार्ययोजना जरूरी है।
सीमित बजट बनी पंचायतों की चुनौती
ग्रामीणों के मुताबिक पंचायतों को उपलब्ध सीमित बजट से सड़क, नाली, स्वच्छता सहित कई मूलभूत कार्य कराने होते हैं। ऐसे में सभी कच्चे मार्गों का मुरमीकरण पंचायत स्तर पर संभव नहीं है। इसके लिए जनपद और जिला स्तर से विशेष व्यवस्था किए जाने की जरूरत है।
मनरेगा के नए कार्यों की स्वीकृति का इंतजार
ग्रामीणों के अनुसार मई 2025 के बाद नए मनरेगा कार्यों की स्वीकृति नहीं हुई है, जबकि पुराने स्वीकृत कार्य पूरे कराए जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नए कार्यों की स्वीकृति होने पर सड़क, जल निकासी और अन्य जरूरी विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा सकती है।
ग्रामीणों के अनुसार 1 जुलाई से मनरेगा का नाम बदलकर जी राम जी योजना किया गया है, लेकिन नए कार्यों की स्वीकृति को लेकर अभी भी इंतजार बना हुआ है। योजना से जुड़ी प्रक्रिया में सर्वर संबंधी तकनीकी दिक्कतों की बात भी ग्रामीणों द्वारा कही जा रही है।
विद्यार्थियों और मरीजों की बढ़ी परेशानी
कीचड़ और फिसलन के कारण स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को विशेष परेशानी हो रही है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए भी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने संवेदनशील मार्गों पर तत्काल राहत के उपाय करने की मांग की है।
प्रशासन से सर्वे और स्थायी समाधान की मांग
ग्रामीणों ने स्थानीय एवं जिला प्रशासन से कच्ची सड़कों और गलियों का प्राथमिकता के आधार पर सर्वे कराने तथा प्रभावित मार्गों पर तत्काल मुरूम या डस्ट डालने की मांग की है। साथ ही लंबे समय से कच्चे मार्गों को चिन्हित कर स्थायी निर्माण की कार्ययोजना बनाने और जी राम जी योजना में नए कार्यों की स्वीकृति प्रक्रिया को गति देने की मांग की गई है।
सवाल यह है कि हर साल बारिश में जब इन्हीं रास्तों की तस्वीर दोहराती है, तो स्थायी समाधान की कार्ययोजना कब बनेगी . . . ? (सौजन्य से मनोज श्रीवास्तव, केशव विश्वकर्मा मानपुर )
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