DRMS NEWS

DRMS NEWS

भटिया माता मंदिर: 9वीं–10वीं शताब्दी की प्राचीन धरोहर, अष्टमी पर उमड़ा आस्था का जनसैलाब

माँ सिंहवाहिनी की प्राचीन प्रतिमा और लोकमान्यताओं से जुड़ा है मंदिर का इतिहास, 20 अक्टूबर को होगा जवारा विसर्जन

संपादक वीरेन्द्र प्रताप सिंह कृपया http://www.drmsnews.in वेबसाइट को शेयर, लाईक व लाइव जरूर करें और विज्ञापन व समाचारों के लिए संपर्क करें 8962637936, 8085090333

drms news(ब्रजधर समाचार(शहडोल)। जिले के जैतपुर क्षेत्र के ग्राम भटिया स्थित माँ सिंहवाहिनी देवी मंदिर प्राचीन धार्मिक, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर के रूप में प्रसिद्ध है। जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, मंदिर में स्थापित माता की प्रतिमा 9वीं–10वीं शताब्दी की मानी जाती है। शारदीय नवरात्रि की महाष्टमी पर मंदिर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ा और पूरा परिसर माता के जयकारों से गूंज उठा।

प्राचीन प्रतिमा और लोकमान्यताओं से जुड़ा इतिहास

स्थानीय ऐतिहासिक परंपराओं के अनुसार, इस क्षेत्र का संबंध कलचुरी राजवंश के शासनकाल से भी जोड़ा जाता है। जनश्रुति के अनुसार, प्राचीन समय में यह स्थान घने जंगलों से घिरा था और देवी की प्रतिमा मिट्टी से ढक गई थी। स्थानीय भाषा में मिट्टी को ‘भट’ कहे जाने के कारण इस स्थान का नाम भटिया देवी पड़ने की मान्यता प्रचलित है। श्रद्धालु इस मंदिर को माता सती के 51 शक्तिपीठों में से एक मानते हैं और माता की आराधना से मनोकामनाएं पूर्ण होने की आस्था रखते हैं।

अष्टमी पर माता का भव्य श्रृंगार, दर्शन के लिए लगी कतारें

महाष्टमी पर सुबह 4 बजे माता का अभिषेक, पूजन, श्रृंगार एवं आरती की गई। इसके बाद श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए मंदिर के पट खोल दिए गए। पुजारी पंडित कैलाश द्विवेदी द्वारा विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया गया। चैत्र एवं शारदीय नवरात्रि में यहां विशेष पूजा, हवन, जवारा स्थापना और भंडारे आयोजित किए जाते हैं। शाम को महाआरती एवं भजन संध्या का कार्यक्रम निर्धारित है।

20 अक्टूबर को जवारा विसर्जन, सुरक्षा के विशेष इंतजाम

नवरात्रि महोत्सव के अंतर्गत मंगलवार, 20 अक्टूबर को जवारा विसर्जन किया जाएगा। भटिया ट्रस्ट समिति के अध्यक्ष कमलभान सिंह परिहार, सेवा समिति अध्यक्ष विनोद सिंह परिहार तथा अन्य सदस्यों द्वारा श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद, पेयजल एवं बैठने की व्यवस्था की गई है। तहसीलदार पदमाकर सहित आयोजन से जुड़े सदस्यों की सहभागिता से व्यवस्थाएं की जा रही हैं। सुरक्षा एवं भीड़ नियंत्रण के लिए जैतपुर पुलिस बल तैनात है।

शहडोल मुख्यालय से लगभग 50 किलोमीटर दूर स्थित भटिया धाम में आसपास के जिलों सहित दूर-दराज से श्रद्धालु पहुंचते हैं। प्राचीन प्रतिमा, धार्मिक परंपराएं और जनआस्था इस मंदिर को शहडोल की महत्वपूर्ण सांस्कृतिक धरोहर बनाती हैं।

संपादक वीरेन्द्र प्रताप सिंह कृपया http://www.drmsnews.in वेबसाइट को शेयर, लाईक व लाइव जरूर करें और विज्ञापन व समाचारों के लिए संपर्क करें। 8962637936, 8085090333 आपका सहयोग हमारे लिए अमूल्य है, बहुत बहुत धन्यवाद आभार। डिस्क्लेमर : यहां पर दिया गया प्रसारित व प्रकाशित विज्ञापन/समाचार, हमें विभिन्न सूत्रों से मिली जानकारी पर आधारित है, जिसे केवल सूचना के लिए दी जा रही है drms news व संपादक इसकी पुष्टि नही करता और ना ही जिम्मेदार है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ