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बिरसा मुंडा मेडिकल कॉलेज शहडोल में अस्थि रोग विशेषज्ञों के इलाज से नन्हे विकास सिंह के कदम हुए सीधे

समय पर पहचान, निःशुल्क उपचार और निरंतर फॉलो-अप से जन्मजात क्लब फुट की समस्या हुई दूर

संपादक वीरेन्द्र प्रताप सिंह कृपया http://www.drmsnews.in वेबसाइट को शेयर, लाईक व लाइव जरूर करें और विज्ञापन व समाचारों के लिए संपर्क करें

drms news (शहडोल)।  राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के माध्यम से समय पर पहचान और उचित उपचार मिलने से बुढ़ार विकासखंड के ग्राम खोडरी निवासी नन्हे विकास सिंह के दोनों पैर अब पूरी तरह सीधे हो गए हैं। जन्म के समय दोनों पैरों के टखने से मुड़े होने की जन्मजात विकृति के साथ जन्मे विकास के माता-पिता ने कभी नहीं सोचा था कि उनका बच्चा उपचार के बाद सामान्य रूप से चल सकेगा, लेकिन स्वास्थ्य विभाग, चिकित्सकों, RBSK टीम एवं सहयोगी संस्था के प्रयासों से यह संभव हुआ।

जन्म के बाद हुई जन्मजात विकृति की पहचान

विकास सिंह अपने माता-पिता की तीसरी संतान हैं। उनका जन्म 21 मार्च 2026 को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बुढ़ार में हुआ। जन्म के समय उनके दोनों पैरों के टखने से मुड़े होने की जन्मजात विकृति पाई गई, जिसे क्लब फुट (Club Foot) कहा जाता है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बुढ़ार के डिलीवरी प्वाइंट स्टाफ द्वारा जन्म के तत्काल बाद विकृति की पहचान कर विकास को उपचार के लिए बिरसा मुंडा मेडिकल कॉलेज, शहडोल रेफर किया गया।

14 प्लास्टर के बाद टेनोटोमी प्रक्रिया

बिरसा मुंडा मेडिकल कॉलेज, शहडोल में अस्थि रोग विशेषज्ञ द्वारा विकास का उपचार प्रारंभ किया गया। उपचार के दौरान लगभग एक-एक सप्ताह के अंतराल पर कुल 14 प्लास्टर लगाए गए। इसके बाद 17 जुलाई 2026 को मेडिकल कॉलेज में टेनोटोमी (Tenotomy) प्रक्रिया की गई। प्रक्रिया के बाद बच्चे के पैरों की सही स्थिति बनाए रखने के लिए उसे विशेष जूते यानी ब्रेसेस (Braces) उपलब्ध कराए गए।

RBSK टीम और क्योर इंडिया NGO का सहयोग

विकास के उपचार की पूरी प्रक्रिया राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) की टीम एवं अनुबंधित क्योर इंडिया NGO के सहयोग से संचालित की गई। लंबे समय तक चलने वाले उपचार में काउंसलर की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। काउंसलर द्वारा बच्चे एवं उसके माता-पिता को नियमित फॉलो-अप के लिए बुलाने, चिकित्सक की उपलब्धता एवं उपचार के बीच समन्वय स्थापित करने तथा परिवार को उपचार के प्रति जागरूक एवं प्रेरित करने का कार्य किया गया।

उपचार के दौरान आवश्यक प्लास्टर एवं टेनोटोमी की सुविधा मेडिकल कॉलेज द्वारा तथा विशेष जूते (ब्रेसेस) सहयोगी संस्था के माध्यम से निःशुल्क उपलब्ध कराए गए।

अब सामान्य रूप से चल रहा है विकास

नियमित उपचार और निरंतर फॉलो-अप के परिणामस्वरूप आज विकास के दोनों पैर पूरी तरह सीधे हो चुके हैं। अपने बच्चे को सामान्य रूप से चलते हुए देखकर उसके माता-पिता के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई देती है। समय पर उपचार मिलने से विकास अब अपने भविष्य की ओर सामान्य कदमों से आगे बढ़ रहा है।

विकास की यह कहानी केवल एक बच्चे के स्वस्थ होने की कहानी नहीं है, बल्कि समय पर पहचान, उचित उपचार, परिवार की सहभागिता तथा स्वास्थ्य विभाग और सहयोगी संस्था के साझा प्रयासों की सफलता का उदाहरण है।

समय पर पहचान और सही उपचार

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम का उद्देश्य जन्मजात विकृतियों सहित विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं की समय पर पहचान कर बच्चों को उचित एवं निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराना है, ताकि उपचार के अभाव में कोई भी बच्चा दिव्यांगता के साथ जीवन जीने को मजबूर न हो।

संपादक वीरेन्द्र प्रताप सिंह कृपया http://www.drmsnews.in वेबसाइट को शेयर, लाईक व लाइव जरूर करें और विज्ञापन व समाचारों के लिए संपर्क करें। आपका सहयोग हमारे लिए अमूल्य है, बहुत बहुत धन्यवाद आभार। डिस्क्लेमर : यहां पर दिया गया प्रसारित व प्रकाशित विज्ञापन/समाचार, हमें विभिन्न सूत्रों से मिली जानकारी पर आधारित है, जिसे केवल सूचना के लिए दी जा रही है drms news व संपादक इसकी पुष्टि नही करता और ना ही जिम्मेदार है। 8962637936

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