मेडिकल आक्सीजन के उत्पादन में मध्य प्रदेश होगा आत्म-निर्भर, आक्सीजन इकाइयों का कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाए : मुख्यमंत्री श्री चौहान
http://www.drmsnewss.online देश का तेजी से बढ़ता न्यूज सर्विस देवराज मीडिया सर्विस न्यूज (drms news) आपके साथ हर पल हर क्षण (दिल्ली, भोपाल, शहडोल, डिंडोरी, उमरिया, अनूपपुर) मध्य प्रदेश (भारत) दिन शनिवार 3 जुलाई 2021
शहडोल वीरेन्द्र प्रताप सिंह। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मेडिकल ऑक्सीजन के उत्पादन में मध्य प्रदेश जल्दी से जल्दी आत्म-निर्भरता हासिल करे, जिससे कि संकट के समय प्रदेश के अन्य राज्यों से ऑक्सीजन न मंगानी पड़े।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में निर्माणाधीन ऑक्सीजन इकाइयों का कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाए। कार्य गुणवत्तापूर्ण हो इसका पूरा ध्यान रखा जाए।
मेडिकल आक्सीजन उत्पादन में आत्म-निर्भरता संबंधी मंत्री समूह ने दिया प्रस्तुतीकरण
मुख्यमंत्री श्री चौहान के समक्ष आज मंत्रालय में 'मेडिकल ऑक्सीजन उत्पादन' में आत्म-निर्भरता संबंधी मंत्री समूह ने अपना प्रस्तुतीकरण दिया।
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परिवार की ओर से सभी सुधी पाठकों ईष्ट मित्रों सहयोगियों सहित
सभी को मंगल कामनाओं के साथ हार्दिक बधाई शुभकामनाएं
इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री बिसाहूलाल सिंह, सहकारिता मंत्री श्री अरविंद सिंह भदौरिया, उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, प्रमुख सचिव संजय शुक्ला आदि उपस्थित थे।
उज्जैन एवं ग्वालियर में सिलेण्डर आक्सीजन निर्माण इकाइयाँ
औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग की प्रस्तुति में बताया गया कि उज्जैन एवं ग्वालियर में बड़े सिलेंडर की निर्माण इकाइयाँ लगाई जा रही हैं। पीएसए प्लांट लगाने, एलएमओ प्रोडक्शन एवं स्टोरेज तथा फ्लोमीटर निर्माण इकाइयाँ लगाने का कार्य किया जा रहा है। जिन जिलों में एएसयू नहीं है वहाँ एएसयू लगाए जाने की योजना है।
भोपाल, सागर व इंदौर में ऑक्सीजन स्टोरेज टैंक
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग की प्रस्तुति में बताया गया कि भोपाल, सागर व इंदौर में 200-200 टन के ऑक्सीजन स्टोरेज टैंक लगाए जाने हैं। एएसयू की क्षमता व गुणवत्ता के ऑडिट एवं मॉनीटरिंग की व्यवस्था की जा रही है।
34 जिला चिकित्सालयों में 6 के.एल. के एलएमओ प्लांट
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि प्रदेश के 34 जिला चिकित्सालयों में 6 के.एल. क्षमता के लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट लगाए जा रहे हैं। साथ ही हर जिला चिकित्सालय में पीएसए होंगे।
वर्तमान में सरकारी अस्पतालों में 11184 ऑक्सीजन सर्पोटेड बैड्स तथा मेडिकल कॉलेजेस में 4193 ऑक्सीजन बैड्स हैं। शासकीय चिकित्सालयों में 2887 ऑक्सीजन बैड्स तथा मेडिकल कॉलेजेस में 866 ऑक्सीजन बैड्स बढ़ाए जा रहे हैं।
निजी चिकित्सालयों में 30% बैड्स पर
आक्सीजन पाइप लाइन अनिवार्य
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश के निजी चिकित्सालयों में 30% बेड्स पर ऑक्सीजन पाइप लाइन अनिवार्य होगी। दूरस्थ क्षेत्रों के लिए ऑक्सीजन कंसेन्ट्रेटर्स की व्यवस्था रहेगी। आक्सीजन कंसेन्ट्रेटर्स का निरंतर रख-रखाव किया जाए।
बताया गया कि प्रदेश के शासकीय अस्पतालों में 6019 बड़े ऑक्सीजन कंसेन्ट्रेटर्स हैं। इसके अलावा भारत सरकार द्वारा 5 व 10 लीटर के 5970 कंसेन्ट्रेटर्स भिजवाए गए हैं। कंसेन्ट्रेटर्स प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं हैल्थ एण्ड वैलनेस सेंटर्स को भिजवाए जाएंगे।
मेडिकल कॉलेजों में लिक्विड मेडिकल
ऑक्सीजन क्षमता बढ़ेगी
चिकित्सा शिक्षा विभाग की प्रस्तुति में बताया गया कि जबलपुर, ग्वालियर, शहडोल एवं रतलाम मेडिकल कॉलेजों में एलएमओ की क्षमता बढ़ाई जा रही है।
क्रायोजेनिक टैंकर किराए पर लिए जाएंगे
परिवहन विभाग की प्रस्तुति में बताया गया कि प्रदेश में लगभग 20 क्रायोजेनिक टैंकर्स किराए पर लेने की योजना है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इस पर कार्य करने के निर्देश दिए।
ऑक्सीजन संयंत्रों एवं कंसेन्ट्रेटर्स की मरम्मत का प्रशिक्षण
तकनीकी शिक्षा कौशल विकास एवं रोजगार विभाग की प्रस्तुति में बताया गया कि विभाग द्वारा ऑक्सीजन संयंत्रों के संचालन, मरम्मत और रख-रखाव के प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है। प्रथम बैच में 57 व्यक्तियों को प्रशिक्षण दिया गया है। आगामी बैच में 502 को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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इंदौर, भोपाल, जबलपुर तथा बैतूल में बढ़े कुछ प्रकरण
पर, मुख्यमंत्री ने दिया निर्देश, अधिक से अधिक टेस्ट करें, आयसोलेट करें, कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग करें, माइक्रो कंटेनमेंट क्षेत्र बनाएँ
शहडोल सूर्य प्रताप सिंह। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में प्रतिदिन कोरोना के प्रकरण 33 तक रह गए थे, परंतु उसके बाद 38, फिर 40 तथा आज 43 नए प्रकरण आए हैं। यद्यपि ये बहुत कम हैं, तथापि हमें पूर्ण रूप से चौकन्ना एवं सावधान रहना होगा।
हम किसी भी हालत में कोरोना संक्रमण को प्रदेश में बढ़ने नहीं दे सकते। हमें तीसरी लहर से बचना ही है, हर व्यक्ति कोविड अनुरूप व्यवहार करे तथा कोविड प्रोटोकॉल का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए।
श्री चौहान ने कोरोना की स्थिति की समीक्षा
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रत्येक जिले में अधिक से अधिक कोरोना के टेस्ट किए जाएँ, पॉजिटिव मरीज को आयसोलेट कर इलाज किया जाए, उसकी कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग की जाए तथा माइक्रो कंटेनमेंट क्षेत्र बनाए जाएँ। किल कोरोना अभियान जारी रहे। थोड़ी भी ढिलाई भारी पड़ सकती है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान आज मंत्रालय में प्रदेश में कोरोना की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने विशेष रूप से चार जिलों इंदौर, भोपाल, जबलपुर एवं बैतूल, जहाँ थोड़े प्रकरण बढ़े हैं, की समीक्षा की।
बैठक में चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, स्वास्थ्य आयुक्त आकाश त्रिपाठी आदि उपस्थित थे।
दूसरे राज्यों से बाहर से आए लोगों में संक्रमण
इंदौर जिले की समीक्षा में पाया गया कि जिले में दूसरे राज्यों से आए लोगों में कोरोना संक्रमण मिला है। जिले में कोरोना के प्रकरण प्रतिदिन 5 तक रह गए थे, आज 12 नए प्रकरण आए हैं। जिले में लगभग 10 हजार टेस्ट प्रतिदिन हो रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पूरी तरह चौकन्ना रहने तथा सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।
भोपाल में 30 जून को 5 से 10 हुए, आज आए 6 प्रकरण
भोपाल जिले की समीक्षा में बताया गया कि जिले में प्रतिदिन 5 प्रकरण रह गए थे, जो 30 जून को बढ़कर 10 हो गए थे, आज 6 प्रकरण आए हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सभी सावधानियाँ बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन मरीजों के घर में आइसोलेशन का पर्याप्त स्थान न हो, उन्हें कोविड केयर सेंटर में रखा जाए।
बाहर से आए लोगों का अनिवार्य रूप से टेस्ट करें
बैतूल जिले की समीक्षा में पाया गया कि वहाँ प्रकरण 0 तक रह गए थे, 01 जुलाई को 5 हुए और आज 3 प्रकरण आए हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए कि जिला दूसरे राज्यों की सीमा से लगा होने से अधिक सतर्क रहे। बाहर से आने वाले व्यक्तियों का अनिवार्य रूप से टेस्ट किया जाए। हर मरीज की कॉन्टेक्ट ट्रैसिंग की जाए।
पूरी सावधानी और सतर्कता से टेस्ट बढ़ाए जाए
जबलपुर जिले की समीक्षा में पाया गया कि वहाँ भी कोरोना के दैनिक प्रकरण 0 रह गए थे, अब 5 हो गए हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए कि पूरी सावधानी और सतर्कता से कोरोना टेस्टिंग अधिक से अधिक की जाए।
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300 महिलाओं को मिलेगा निःशुल्क वाहन प्रशिक्षण
आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश के तहत मील का पत्थर साबित होगा परिवहन विभाग का कदम, परिवहन मंत्री के निर्देश पर अब 11 क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों में होगी शुरुआत
शहडोल वीरेन्द्र प्रताप सिंह। आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश के अंतर्गत परिवहन विभाग मध्य प्रदेश ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 11 क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों के अंतर्गत लगभग 300 महिलाओं को निःशुल्क वाहन प्रशिक्षण देने का निर्णय लिया है।
माह जनवरी-फरवरी 2021 में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान इन्दौर के साथ मिलकर, परिवहन विभाग ने लगभग 200 महिलाओं को न सिर्फ हल्के वाहन चलाने के लिये निःशुल्क प्रशिक्षण दिया था, बल्कि उनमें से कई प्रशिक्षार्थियों को योग्यता अनुसार नौकरी पाने में भी मदद की थी।
इस पहल की सफलता को देखकर प्रदेश के परिवहन मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत द्वारा 16 मार्च को परिवहन अधिकारियों की बैठक में इस योजना को विकसित रूप देने के निर्देश दिये गये थे। इस पर अमल करते हुए परिवहन विभाग ने यह तैयारी की है।
भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, रीवा, सागर, खण्डवा, धार, झाबुआ व उमरिया में प्रशिक्षण
इस सम्बंध में परिवहन आयुक्त मुकेश जैन ने बताया है कि इन्दौर के अतिरिक्त यह प्रशिक्षण भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, रीवा, सागर, खण्डवा, धार, झाबुआ तथा उमरिया में भी दिया जायेगा। संबंधित परिवहन अधिकारियों द्वारा इस संबंध में कार्रवाई करते हुए आवेदन पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया प्रारम्भ की गई है।
परिवहन आयुक्त श्री जैन ने इन सभी परिवहन अधिकारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर यह निर्देशित किया है कि इस योजना का लाभ उन महिलाओं को पहुँचना चाहिये, जो वास्तव में जरूरतमंद हो।
कोविड-19 से प्रभावित परिवार, अनुसूचित जाति एवं जनजाति के आवेदकों को चयन प्रक्रिया में प्राथमिकता दी जाये।
परिवहन आयुक्त ने इन जिलों के कलेक्टर्स को पत्र लिखकर चयन समिति में जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को नामांकित करने के लिए लिखा है, ताकि चयन प्रक्रिया पारदर्शी हो।
200 घंटे का होता है, यह प्रशिक्षण
गौरतलब है कि लाइट मोटर व्हीकल का यह प्रशिक्षण लगभग 200 घन्टे का होता है, जिसमें थ्योरी एवं प्रेक्टिकल, दोनों पर ध्यान दिया जाता है। यह प्रशिक्षण प्राप्त करने वालों को ड्राईविंग लाइसेंस लेने के लिए पृथक से किसी औपचारिकता की आवश्यकता नहीं होती है।
सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं की भागीदारी
परिवहन विभाग इस पहल से न सिर्फ इन बहनों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्राप्त होगा, बल्कि सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं की अधिक उपस्थिति से महिला सुरक्षा को भी बढ़ावा मिलेगा।
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बिस्तरों, दवाओं, आक्सीजन, सीटी स्केन, आईसीयू, पीआईसीयू, चिकित्सकों, स्टाफ की पर्याप्त व्यवस्था हो और कोरोना की तीसरी लहर के लिए सभी तैयारियाँ हों सर्वश्रेष्ठ : मुख्यमंत्री श्री चौहान
शहडोल वीरेन्द्र प्रताप सिंह। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में कोरोना की संभावित तीसरी लहर के लिए सभी तैयारियां सर्वश्रेष्ठ हों।
सभी जिलों में बिस्तरों, दवाओं, ऑक्सीजन, सीटी स्केन, आईसीयू, पीआईसीयू, चिकित्सकों, स्टाफ आदि की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने 'अस्पताल प्रबंधन तथा संसाधन की उपलब्धता' संबंधी मंत्री समूह की ली बैठक
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में यदि तीसरी लहर आती है तो हमें संक्रमण की रोकथाम के साथ ही हर मरीज को सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करानी है, जिससे कि पहले तो मरीज को अस्पताल जाने की आवश्यकता ही न पड़े और यदि अस्पताल जाना पड़ता है तो वह जल्दी से जल्दी स्वस्थ होकर घर वापस आ जाए। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज मंत्रालय में 'अस्पताल प्रबंधन तथा संसाधन की उपलब्धता' संबंधी मंत्री समूह की बैठक ले रहे थे।
प्रदेश में कोरोना के उपचारार्थ दवाओं
की पर्याप्त उपलब्धता है
प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि प्रदेश में कोरोना के उपचार के लिए दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता है। नि:शुल्क होम किट्स के लिए सभी दवाइयाँ पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं, रेमडेसिविर इंजेक्शन लगभग एक लाख हैं। एम्फोटेरेसिन-बी, टोसीजोमान इंजेक्शन के लिए रेट कान्टेक्ट किया जा रहा है।
सभी दवाओं की मेडिकल कॉलेज तथा जिलावार उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। 2डी ऑक्सीडी दवा की भी व्यवस्था की जा रही है। प्रदेश के सभी 11 हजार उप स्वास्थ्य केन्द्रों में कोविड मेडिकल किट के डिपो स्थापित किए गए हैं।
कोरोना के इलाज के लिए वर्तमान में 68 हजार बेड्स
प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि वर्तमान में मध्य प्रदेश में कोरोना के इलाज के लिए कुल 68 हजार 22 बिस्तर चिन्हांकित हैं, जिनमें 54 हजार 130 शासकीय तथा 13 हजार 892 निजी अस्पतालों में हैं। इनके अंतर्गत 4 हजार बिस्तर प्रायवेट मेडिकल कॉलेजेस में चिन्हांकित किए गए हैं।
आयुष्मान योजना अंतर्गत शासकीय एवं निजी चिकित्सालयों में कुल 31 हजार 11 बिस्तर चिन्हांकित हैं।
प्रत्येक जिले के शासकीय एवं निजी अस्पतालों में बिस्तर बढ़ाए जाने के संबंध में कार्ययोजना बनाई गई है। अधिक से अधिक संख्या में सामान्य बेड्स को ऑक्सीजन बेड्स एवं आईसीयू बेड्स में परिवर्तित करने का कार्य भी किया जा रहा है।
प्रदेश में चिकित्सकों एवं स्टाफ को प्रशिक्षण
प्रदेश में 7523 चिकित्सक, 15 हजार 999 स्टाफ नर्स, 26 हजार 301 आयुष चिकित्सक सहित अन्य विभागीय 34439 मैदानी कार्यकर्ताओं, 6003 वॉलेन्टीयर्स, 51 हजार 684 आशा कार्यकर्ता तथा 14 हजार 217 ए.एन.एम. को प्रशिक्षण दिया गया है।
शिशुओं के उपचार की गाइड लाइन जारी
प्रदेश में विशेषज्ञों की समिति द्वारा गहन अध्ययन के पश्चात शिशुओं के उपचार की विस्तृत प्रोटोकाल गाइड लाइन जारी की गई है। साथ ही अभिभावक बच्चों के साथ वार्ड में रह सकें, इसके लिए भी निर्देश जारी किए गए हैं।होम आयसोलेशन में रहने वाले बच्चों के अभिभावकों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
कोरोना रोगियों को निर्बाध रूप से अस्पतालों
तक ले जाने के लिए 1002 एम्बुलेंस
कोरोना रोगियों को निर्बाध रूप से अस्पतालों तक ले जाने के लिए एम्बुलेंस नेटवर्क का सुदृढ़ीकरण किया गया है। कुल 1002 एम्बुलेंस इस कार्य के लिए चिन्हांकित की गई हैं, जिनमें 167 ए.एल.एस. (एडवांस लाइफ सपोर्ट) तथा 835 बी.ए.एस. (बेसिक लाइफ सपोर्ट) एम्बुलेंस हैं।
मध्य प्रदेश में 170 पी.एस.ए प्लांट स्थापित होंगे
मध्य प्रदेश में भारत सरकार, राज्य सरकार एवं अन्य स्त्रोतों से कुल 170 पी.एस.ए प्लांट स्थापित होंगे, जिनकी कुल क्षमता 200 मेट्रिक टन है। इनमें से 21 पी.एस.ए प्लांट लग गए हैं तथा शेष सितम्बर माह तक स्थापित हो जाएंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इन्हें जल्दी से जल्दी पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए।
प्रदेश के जिला अस्पतालों एवं सामुदायिक
स्वास्थ्य केन्द्रों में 78 आक्सीजन प्लांट
प्रदेश के 78 जिला अस्पतालों व सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में कुल 78 पी.एस.ए प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं। चिकित्सा महाविद्यालयों में लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन की क्षमता में 121 मीट्रिक टन की वृद्धि की जा रही है। जिला अस्पतालों में 11 हजार 184 ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड्स बनाए गए हैं, 3063 नवीन ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड्स बनाए जा रहे हैं। साथ ही चिकित्सा महाविद्यालयों में 751 ऑक्सीजन बेड्स बढ़ाए जा रहे हैं।
आई.सी.यू. बेड्स में वृद्धि
प्रदेश में 813 आई.सी.यू. बेड्स स्थापित किए गए हैं। आगामी कार्य-योजना में 650 नए आई.सी.यू. बेड्स स्थापित किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त चिकित्सा महाविद्यालयों में 345 आई.सी.यू. बेड्स बढ़ाए जा रहे हैं।
डेढ़ हजार ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर एन.आर.सी. में
जिलों को दिए गए 6190 कंसन्ट्रेटर्स में से बच्चों के पोषण पुनर्वास केन्द्रों में 1500 ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके अलावा जिलों को 5100 ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर अतिरिक्त रूप से प्रदाय किए जा रहे हैं।
प्रत्येक जिला चिकित्सालय में शिशु आईसीयू
प्रत्येक जिले में शिशु आईसीयू की व्यवस्था की जा रही है। प्रदेश में 320 शिशु आईसीयू के बिस्तर नियोजित किए गए हैं, जिनमें 200 बिस्तरों की संख्या अतिरिक्त रूप से स्थापित की जा रही है। इसके अतिरिक्त चिकित्सा महाविद्यालयों में 380 शिशु आईसीयू बिस्तरों की वृद्धि की जा रही है।
904 विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती शीघ्र
प्रदेश में 904 विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती के लिए मंत्रि-परिषद ने अनुमोदन कर दिया है, भर्ती शीघ्र पूर्ण की जाएगी। लोक सेवा आयोग द्वारा चिकित्सा अधिकारियों के 866 पदों पर भर्ती की कार्रवाई जारी है। मेडिकल कॉलेजेस में 863 चिकित्सकों की नियुक्ति की कार्रवाई जारी है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में भी हों अच्छी व्यवस्थाएँ
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में भी कोरोना उपचार की अच्छी से अच्छी व्यवस्थाएँ की जानी चाहिये। बताया गया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में चिकित्सा विशेषज्ञों की पदस्थापना की जा रही है। साथ ही 500 ऑक्सीजन बिस्तर तथा 78 पीएसए ऑक्सीजन प्लांट सितम्बर तक स्थापित हो जाएंगे।
हर मेडिकल कॉलेज व जिला अस्पताल आदर्श हो
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए कि प्रदेश का हर मेडिकल कॉलेज एवं जिला अस्पताल आदर्श हो, जिससे आस-पास के क्षेत्रों के व्यक्तियों को वहीं अच्छे से अच्छा इलाज मिल जाए। इलाज के लिए बड़े शहरों में न जाना पड़े।
अस्पतालों का प्रबंधन चिकित्सकों के पास न रहे
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए कि अस्पतालों के प्रबंधन के लिए प्रबंधन के व्यक्तियों को नियुक्त किया जाए। अस्पताल प्रबंधन के कार्य में चिकित्सकों को न लगाया जाए।
शीघ्र प्रारंभ हो जिला अस्पतालों में सीटी स्केन व्यवस्था
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी जिला चिकित्सालयों एवं चिकित्सा महाविद्यालयों में सीटी स्केन व्यवस्था शीघ्र प्रारंभ की जाए। बताया गया कि वर्तमान में 14 जिला चिकित्सालयों में यह सुविधा प्रारंभ हो गई है, शेष सभी जिला चिकित्सालयों एवं चिकित्सा महाविद्यालयों में आगामी अक्टूबर माह तक प्रारंभ हो जाएगी।
बैठक में चिकित्सा मंत्री विश्वास सारंग, लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री भारत सिंह कुशवाह, स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) इंदर सिंह परमार, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, स्वास्थ्य आयुक्त आकाश त्रिपाठी आदि उपस्थित थे।
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वैक्सीन की दूसरी डोज़ के लिए 3 और 5 जुलाई को चलेगा विशेष अभियान
शहडोल सूर्य प्रताप सिंह। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश में चलाए जा रहे टीकाकरण महा-अभियान में 3 जुलाई को कोवैक्सीन एवं 5 जुलाई को कोविशिल्ड के दूसरे डोज़ के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
इन दोनों दिन सिर्फ वैक्सीन की दूसरी डोज़ लगायी जाएगी। कोरोना संक्रमण के विरूद्ध प्रदेश में कोरोना सुरक्षा-चक्र को मजबूती प्रदान करने के लिए कोवैक्सीन और कोविशिल्ड के दोनो डोज़ लेना अनिवार्य है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने नागरिकों से अपील की है कि कोरोना से बचाव के लिए पहली डोज़ के बाद दूसरी डोज़ लगवाना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि कोरोना से जंग अभी समाप्त नहीं हुई है। आमजन ने वैक्सीनेशन के प्रति जिस जागरूकता का परिचय दिया है, महा-अभियान की सफलता उसका परिचायक है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आव्हान किया कि जिन लोगों ने वैक्सीन की प्रथम डोज़ लगवा ली है, वे दूसरी डोज़ के लिए भी सोशल डिस्टेंसिंग के साथ वैक्सीनेशन सेन्टर पर पहुँचें।
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भारत सरकार द्वारा जनहित में जारी हम सब को भी चाहिए कि, इस कठिन समय में अपना और अपनों का व सभी का ख्याल रखें, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें, संपूर्ण सुरक्षा मापदंडों के साथ रह कर, अपना जीवन यापन करें। सार्वजनिक स्थानों पर थूकना अशोभनीय और बुरी आदत है। इसे तुरंत त्यागें और एक ज़िम्मेदार नागरिक बनें। सतर्क रहें । खुले में थूकने से हवा और सतह पर मौजूद थूक की लार से COVID-19 बीमारी के फैलने का खतरा होता है।
सार्वजनिक स्थानों पर न थूकें। तम्बाकू सेवन ही नहीं, थूकना भी जानलेवा हो सकता है, इससे COVID19 बीमारी का संक्रमण बढ़ता है। सतर्क रहें, सार्वजनिक स्थानों पर न थूकें। भारत सरकार द्वारा जनहित में जारी Editor-Virendra Pratap Singh IndiaFightsCorona अपने मानसिक स्वास्थ्य को पूरी तरह से स्वस्थ रखने के लिये इन सरल उपायों का पालन करें । किसी भी प्रकार की मनो सामाजिक सहायता के लिए NIMHANS के (टोल फ्री) हेल्पलाइन #080-46110007 पर काल करें। बदलकर अपना व्यवहार, करें कोरोना पर वार। TogetherAgainstCovid19
मास्क पहिनिये, सोशल डिस्टेंसिंग का अनुसरण करें, स्वस्थ्य रहिये, सुरक्षित रहिये,
खुद टीकाकरण करवाएं और अपने परिवार का टीकाकरण कराकर,अपने परिवार को कोरोना मुक्त बनाएं
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