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सेवानिवृत्ति होना सुखद एवं दुखद दोनों- गणेश मिश्रा

शासकीय कार्यों के प्रति निष्ठा एवं समर्पण के प्रतिमूर्ति थे गणेश मिश्रा- उप संचालक श्री मर्सकोले

DRMS NEWS शहडोल । उपसंचालक जनसंपर्क जी.एस. मर्सकोले ने कहा है कि गणेश प्रसाद मिश्रा जनसंपर्क कार्यालय के पितामह थे। शासकीय कार्यों के प्रति निष्ठा एवं समर्पण के प्रतिमूर्ति थे मिश्रा जी। उन्होंने अपने दायित्व का निर्वहन पूरे निष्ठा, समर्पण और ईमानदारी के साथ विपरीत परिस्थितियों में भी किया है। 

उन्होंने पूरे 33 साल 2 माह और 2 दिन अपने जीवन के जनसंपर्क विभाग के ऊपर न्योछावर कर दिया। उनके जैसा शासकीय सेवक अत्यंत ही सौभाग्य से प्राप्त होता है। गणेश मिश्रा संवेदनशील, मृदु भाषी, समर्पण, सेवा भाव एवं शासकीय कार्यों के प्रति ईमानदार व्यक्तित्व के धनी व्यक्ति थे। 

यह विचार उपसंचालक जनसंपर्क जी.एस. मर्सकोले ने जिला जनसंपर्क कार्यालय शहडोल में आयोजित जनसंपर्क कर्मी गणेश मिश्रा के सेवानिवृत्ति कार्यक्रम में व्यक्त किए।

सेवानिवृत्ति होना सुखद एवं दुखद दोनों- श्री गणेश मिश्रा

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सेवानिवृत गणेश प्रसाद मिश्र ने कहा कि सेवानिवृत्ति का समय सुखद एवं दुखद दोनों होता है। एक तरफ नए जीवन के नए आयाम की ओर बढ़ना तथा दूसरी ओर जीवन में जहां हमने ज्यादा से ज्यादा समय व्यतीत किया वहां से अलविदा होना। 

आज मैं अर्धवार्षिक की आयु पूर्ण कर चुका हूं तथा शासन के नियमों के अनुसार आज में सेवानिवृत हो रहा हूं। मैं जनसंपर्क विभाग में लगभग 35 वर्ष अपनी सेवाएं दी जो अत्यंत गौरव एवं हर्ष का विषय है। मैं विभाग के सभी अधिकारी एवं कर्मचारियों का धन्यवाद देता हूं। इस दौरान श्री मिश्रा ने अपने जीवन के अनुभवों को भी सांझा किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पत्रकार दिनेश अग्रवाल ने कहा कि गणेश प्रसाद मिश्रा जनसंपर्क विभाग के महत्वपूर्ण अंग थे। एक शासकीय कर्मचारी के लिए दायित्वों का निर्वहन करके सेवा निवृत होना गर्व की बात है। जनसंपर्क विभाग को श्री मिश्रा जी की कमी सदा ही महसूस होगी। 

मैं उनके उज्जवल भविष्य की कामना करता हूं। कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार कमलेश श्रीवास्तव, हुसैन खान, रविन्दर गिल, विश्वास हलवाई, सुभाष मिश्रा, विनय तिवारी, विनय शुक्ला, कृष्णा तिवारी, विनीत त्रिपाठी, सोनू खान, अखिलेश मिश्रा, जितेंद्र विश्वकर्मा, दीपक सिंह, महफूज खान, जनसंपर्क कार्यालय रामपाल पनिका एवं  संतोष वर्मा सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

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पुलिस अधीक्षक शहडोल को पत्रकार विकास परिषद के पदाधिकारियों ने खैरहा थाना प्रभारी की कार्य शैली व वरिष्ठ पत्रकार से अभद्र व्यवहार की किया शिकायत
शहडोल। जिले मे पुलिस की कार्य शैली पर पुलिस विभाग के जिम्मेदार शासक जो पद का दुरुपयोग कर रहे है वही कानून का हवाला देकर थाने पर पदस्थ थानेदार द्वारा पुलिस चौकी को अपना जागीर बताकर व लोगों को डरा धमका कर संविधान की धाराओं के साथ कर रहे खिलवाड़, जब चाहे किसी के साथ अभद्र व्यवहार करे या फिर गलत तरीके से धारायें लगाकर कार्यवाई कर दे। वो बाद में न्यायालय के द्वारा दोषपूर्ण मुक्त हो जाये। ज्यादातर केसों पर पुलिस विभाग की कार्रवाई व कूट नीती से कि गई कार्यो पर न्यायालय के न्यायाधीशों द्वारा गलत साबित किये है, पर पुलिस विभाग सुधरने कि वजह गलत कार्यो में लिप्त नजर आती है।

ऐसा ही मामला जिले के खैरहा थाने का है, जहां पर पुलिस विभाग द्वारा खुलेआम रास्ते से गुजरने वाले बड़ी छोटी वाहन के नाम पर चैकिंग जांच की बड़ी राशियां वसूली की जा रहा है, जबकि महज जिले से 35 किलोमीटर की दूरी पर थाना होने वाबजूद भी किसी उच्च अधिकारियों की नज़र से इस थाने में हो रहे, रात-दिन की चैकिंग जांच के नाम पर राशि वसूली का खेल फल फूल रहा है और किसी को जानकरी भी नही, जबकि पुलिस कर्मी द्वारा बताया गया है। कि हमे ऊपर से आदेश है, वहीं चुनाव आयोग के आदेश की भी बात कही गई है, जो कि एक महत्वपूर्ण विषय है। कि अपनी आमदानी बढ़ाने के नाम पर गरीबों लोगों का शोषण किया जा रहा है और वे खामोश रहते है। जिला के आला अधिकारी गण जरा सोचिए कि जब पत्रकारों के साथ पुलिस विभाग के द्वारा अभद्र व्यवहार किया जा रहा है, तो आम नागरिक का क्या होता होगा......?

क्या है मामला .......?
पीड़ित वरिष्ठ पत्रकार नीलेश द्विवेदी ने पुलिस अधीक्षक शहडोल को अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि घटना दिनांक 29/08/2023 को समय 2 बजे खैरहा थाने के पास भगवान श्री हनुमान जी की पूजा व भंडारा के लिए पत्रकार भाई अखिलेश शर्मा ने मुझे (पीड़ित पत्रकार नीलेश द्विवेदी को) आमंत्रित किया था, इसलिए पत्रकार नीलेश द्विवेदी अपने साथी के साथ खैरहा गया हुआ थे, जहां पर पूजा व भंडारा हो रहा था, वहीं कुछ दूरी पर खैरहा थाना मौजूद है , थाने के बगल से ट्रक आटो मोटर साइकिल अन्य गाड़ियों को पुलिस द्वारा खड़ी कर जांच चैकिंग के नाम पर ऊपर के आदेश का हवाला देकर लोगों से मोटी रकम की वसूली कि जा रहा थी।

जब पीड़ित पत्रकार ने अपने साथी के साथ उस जगह पर जा कर देखा कि कुछ पुलिस कर्मी गाड़ी रोककर चैकिंग जांच के नाम पर एक मशीन दिखाकर राशि की वसूली कर रहे थे, जिसकी विडियो मोबाइल पर पीड़ित पत्रकार नीलेश द्विवेदी द्वारा विडिओ बनाया जा रहा था, मौके पर बनाए गए विडिओ के साथ जानकारी अपने साथी द्वारा पुलिस अधीक्षक शहडोल से मोबाइल फोन पर दी गई। साथ ही विडिओ भी भेज दी गई। 

पीड़ित पत्रकार नीलेश द्विवेदी के द्वारा मौके पर खैरहा थाना के समीप पुलिस कर्मियों द्वारा चैकिंग के नाम पर आम लोगों को प्रताड़ित करने पर, इस गलत कार्य किए जाने के विरोध पर, थानेदार दिलीप सिंह द्वारा अपने पुलिस कर्मी के मोबाइल फोन से पत्रकार नीलेश द्विवेदी से बात कर अभद्र व्यवहार करते हुए बोला कि तुम मुझे जानते नही तुम कितने बड़े पत्रकार हो केस दायर कर सारी पत्रकारिता उतार दूंगा मैं अभी थाने में नही हूं, नही तो थाने में बेढ़कर बताता, मेरे थाने में दूबारा आना, नही तू मुझे कही मिल फिर बताता हूं।

तेरी पत्रकारिता.... सुन मेरा नाम दिलीप सिंह है। इस पुलिस कर्मी के संबंध में वहीं लोगों के द्वारा बताया गया कि 10 वर्षो के लगभग शहडोल जिले के थानों में पदस्थ होने के कारण खुलेआम कई प्रकार के गलत जांच के नाम पर डरा धमका कर बड़ी राशि वसूली रात दिन करता है। पीड़ित पत्रकार नीलेश द्विवेदी जो कि पत्रकार विकास परिषद शहडोल के जिला अध्यक्ष भी है। इस घटनाक्रम की सारी जानकारी परिषद के प्रदेश अध्यक्ष को दी और पत्रकार विकास परिषद के आदेशानुसार भारी संख्या मे सभी सदस्य उपस्थित होकर पुलिस अधीक्षक शहडोल को खैरहा थाने के थाना प्रभारी दिलीप सिंह की शिकायत कर ज्ञापन दिया गया और शिकायत में सारे घटनाक्रम की जानकारी उल्लेख करते हुए निलंबन कार्यवाही की मांग किया गया है।  इनका कहना पत्रकारों के द्वारा जो शिकायत पत्र दी गई है, उसकी जांच कार्यवाई करने का आदेश मैने एडिशनल एसपी अधिकारी को दी है। जाँच में दोषी पाये जाने पर कड़ी कार्यवाही की जायेगी।         कुमार प्रतीक   पुलिस अधीक्षक जिला शहडोल म.प्र. 

 

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