
जनजातीय विश्वविद्यालय अमरकंटक में राष्ट्रीय एकता दिवस को हर्षोल्लास के साथ मनाया
संपादक वीरेन्द्र प्रताप सिंह DRMS NEWS 896263793 मंगलवार 31 अक्टूबर 2023
DRMS NEWS अनूपपुर (पोड़की अमरकंटक)। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय अमरकंटक में लौह-पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित जयंती समारोह में अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो० श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी ने कहा कि सरदार पटेल की पहचान सादगी, स्पष्टवादिता तथा निर्भीकता थी। उनके इन विराट गुणों के चलते महात्मा गांधी ने उन्हें सरदार कहकर पुकारा।
राष्ट्रीय स्वतंत्रता आंदोलन के हर पड़ाव की वह महत्वपूर्ण धुरी रहे तथा संविधान सभा में भारतीय दृष्टिकोण को स्थापित करते थे। सरदार पटेल ने आंतरिक सुरक्षा, प्रशासनिक सरंचना तथा बाह्य सुरक्षा का ढाँचा खड़ा किया।
उन्होंने स्वतंत्र भारत को सुरक्षित बनाया। पैरामिलिट्री फोर्स के रूप में भारतीय सुरक्षा की दूसरी पंक्ति सरदार पटेल की दूरदर्शी सोच का परिचायक है।सरदार पटेल की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाना सर्वाधिक उपयुक्त है।
सरदार पटेल का व्यक्तित्व हम सभी को राष्ट्रीय एकता के लिए समर्पित होने की प्रेरणा देता है। इस अवसर पर वरिष्ठ आचार्य प्रो. ए.के. शुक्ला ने कहा कि वल्लभ भाई पटेल को जनता ने सरदार की पदवी से नवाजा तथा उन्होंने आजीवन इसे सार्थक सिद्ध किया।
जयंती पर अपना उद्गार व्यक्त करते हुए डीन अकादमिक प्रो० आलोक श्रोत्रिय ने कहा कि सरदार पटेल का व्यक्तित्व इतना विशाल था कि हम आज भी उनके योगदान के प्रति नतमस्तक रहते हैं। इस अवसर पर छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो० भूमिनाथ त्रिपाठी ने कहा कि सरदार पटेल ने देशी रियासतों का एकीकरण कर आधुनिक भारत के भूगोल को परिभाषित किया।
वित्त अधिकारी प्रो० जितेन्द्र शर्मा, डॉ० विजयनाथ मिश्रा, प्रो० ए० पी० सिंह, प्रो० जगदंबा प्रसाद शुक्ल, डॉ० विजायनाथ सिंह, डॉ० गोविंद जी मिश्र, डॉ० संजीव सिंह, डॉ० अखिलेश सिंह, डॉ० कुंज बिहारी सुलखिया, डॉ० अभिषेक बंसल, डा पान्डेय, डा गौर, डा संजय यादव आदि सहित एनएसएस के स्वयं सेवक, एनसीसी कैडेट, छात्र-छात्राएं, अध्यापक, कर्मचारी गण उपस्थित रहे।
अकादमिक हॉल संख्या दो में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने राष्ट्रीय एकता शपथ ली । इससे पूर्व समारोह के तहत प्रातः कालीन सत्र में रन फॉर यूनिटी का आयोजन किया गया जिसे माननीय कुलपति प्रो० श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी ने झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ० कृष्ण मुरारी सिंह ने किया। अतिथियों का स्वागत डॉ० जितेंद्र कुमार सिंह ने किया। धन्यवाद ज्ञापन प्रो० राघवेंद्र मिश्रा ने किया।
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
राष्ट्र को द्रुत गति से आगे बढ़ाना है तो हमें कर्म, मन और वचन से शुद्ध होना होगा.....प्रो. श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी (कुलपति)
(पोड़की अमरकंटक)। सतर्कता जागरूकता सप्ताह 30 अक्तूबर, 2023 से 05 नवंबर, 2023 तक मनाया जायेगा, जिसका ध्येय है “भ्रष्टाचार का विरोध करें; राष्ट्र के प्रति समर्पित रहें।" इस सतर्कता जागरूकता सप्ताह में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें रैली निकालना, पेंटिंग, पोस्टर, भाषण और स्थानीय ग्राम वासियों को जागरूक करने के लिए व्याख्यान माला का आयोजन और विश्वविद्यालय के नजदीक हाट बाजार में रैली निकाल कर जागरूक किया जाएगा।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रोफेसर श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि "यह सप्ताह महत्वपूर्ण है क्योंकि सतर्कता और जागरूकता विकासशील देशों की बढ़ती आवश्यकता है जो सामाजिक उन्नयन और परिवर्तन पर ध्यान केंद्रित करता है। एक देश के विकास में सहजता, सतर्कता, जागरूकता एवं समर्पण ये चारों बिंदु बहुत महत्वपूर्ण हैं।
वह देश द्रुत गति से आगे बढ़ता है जहां किसी भी प्रकार का विकार नहीं होता है और न ही भ्रष्टाचार होता है, इसलिए राष्ट्रीय स्तर पर भ्रष्टाचार निवारण के लिए अनेक प्रयास किए जा रहे हैं इसमें देश के प्रत्येक नागरिक को कृत्य संकल्पित होना पड़ेगा की ना हम इस प्रकार की व्रती में लिप्त होंगे और इसमें रुचि रखने वालों को किसी प्रकार से सहयोग नहीं करेंगे बल्कि उनके विरुद्ध साहस से खड़े होंगे।
राष्ट्र के उन्नयन में हम सबकी समान भागीदारी है इसके लिए हमें शुद्ध रहना होगा और अपने विचारों को शुद्ध रखना होगा हमें अपने दायित्व और कर्तव्यों का सदैव स्मरण करना चाहिए।
हमें अपने राष्ट्र को दुनिया का आदर्श राष्ट्र बनाना है। आने वाले दिनों में हमारा राष्ट्र दुनिया के महानतम राष्ट्रों में से एक होगा। केंद्रीय सतर्कता आयोग एक शीर्ष भारतीय सरकारी निकाय है, जिसे वर्ष 1964 में सरकारी भ्रष्टाचार को संबोधित करने के लिए स्थापित किया गया था।
इसे 2003 में संसद के एक अधिनियम द्वारा वैधानिक दर्जा दिया गया था। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय अमरकंटक के अधिकारी, शिक्षक कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं ने उत्साह पूर्वक इस सप्ताह को प्रारम्भ किया है।

0 टिप्पणियाँ