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विलुप्त होती कला, साहित्य, एवं संस्कृति पर बढ़ते कद-संस्कृति साहित्य शोध समिति द्वारा लगातार आयोजन जारी

बढ़ते कद-संस्कृति साहित्य शोध समिति ने किया आदिवासी संस्कृति के खान पान  पर  बैगा आदिवासियों के बीच प्रतियोगिता आयोजित

संपादक वीरेन्द्र प्रताप सिंह DRMS NEWS 896263793 मंगलवार 6 फरवरी 2024

DRMS NEWS शहडोल।  बढ़ते कदम-संस्कृति साहित्य शोध समिति शहडोल  की तरफ से 4 फरवरी 2024 को तुम्मीबर ग्राम पंचायत डोंगरा टोला विकासखंड जैतहरी जिला अनूपपुर में आदिवासी संस्कृति के खान पान  पर  बैगा आदिवासियों के बीच प्रतियोगिता  आयोजित की गई।

जिसमें  शंकरिया बाई बैगा श्याम बैगा, ललिया बैगा, भोग्गी बैगा,  अध्यक्ष ददनू बैगा, ज्ञानवती बैगा, रोशनी  यादव आदि  ने आदिवासी खान पान का प्रदर्शन किया एवम सभी व्यवस्था सुचारू रूप से की। 

कार्यक्रम संयोजक दिव्या सिंह बघेल एवं जसमीत लांबा द्वारा  सहयोग उत्कृष्ट रहा, आयोजन  अत्यंत सफल रहा। 

आदिवासियों को अपनी संस्कृति को बेहतर तरीके से प्रदर्शन करने की दी समझाइश, बांस के खोल में भरकर पकाया हुआ कोदो बात अत्यंत स्वादिष्ट रहा

आयोजिका दिव्या सिंह बघेल एवं जसमीत लांबा के द्वारा  आदिवासियों को अपनी संस्कृति को बेहतर तरीके से प्रदर्शन करने की समझाइश दी गई। कोदो का चावल,  जतबा में पिसे मक्का के आटे  की रोटी, अकुरी भाजी  और तरह तरह की भाजी, कुटकी की खीर आदि का स्वाद समिति के  द्वारा  चखा गया जो अति उत्तम रहा। बांस के खोल में भरकर पकाया हुआ कोदो बात अत्यंत स्वादिष्ट रहा।

बैगा संस्कृति पर आधारित विलुप्त होते हुए  वाद्य यंत्र मादर, ढोल, नगरिया आदि बजाए गए

साथ ही बैगा संस्कृति पर आधारित विलुप्त होते हुए  वाद्य यंत्र मादर, ढोल, नगरिया आदि बजाए गए एवं कर्मा  नृत्य आदिवासियों द्वारा किया गया।  कर्मा  गीत भोग्गी बाई, शंकरिया बाई द्वारा एवं नृत्य श्याम बाई बैगा, ललिया, रामबाई, फूलबाई एवम जगदीश बैगा द्वारा किया गया। साथ ही अभी तक विलुप्त होती कला, साहित्य, एवं संस्कृति पर लगातार आयोजन समिति कर रही।

अपनी संस्कृति को युवा पीढ़ी अच्छे से जानती पहचानती नही, पश्चिमी सभ्यता के आगे विलुप्त होती  भारतीय पारंपरिक कला एवं संस्कृति को सामने लाने एवं बचाए रखने के लिए लगातार आयोजनों द्वारा गांव शहर में  कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को जागरूक करने पुरातन संस्कृति को जीवित रखने के लिए समिति संकल्पबद्ध है 

इसी क्रम में आदिवासी खान-पान एवं संस्कृति आधारित प्रतियोगिता में प्रथम स्थान- शंकरिया भाई, द्वितीय स्थान- श्याम बैगा, तृतीय स्थान- रोशनी यादव के आने पर समिति द्वारा पुरस्कार स्वरूप शील्ड प्रदान किया गया। 

दगना कुप्रथा के दुष्परिणामों से अवगत कराया

समिति के पदाधिकारी डॉक्टर गोपाल निगम,  अनीता निगम, संगीता शुक्ला, किरण सिंह शिल्पी  एवं पवन पांडे के द्वारा आभार प्रदर्शन कर लोगों को आँकना कुप्रथा जिसमें बीमार बच्चों को गर्म हंसिए से दागा जाता है, अभी हाल में ही पठरा  गांव में एक बच्चे की मृत्यु हो गई, उसके बारे में भी समझाइश दी गई और उसके दुष्परिणाम और कानून के द्वारा सजा का भी उल्लेख किया गया।।

किरण सिंह शिल्पी द्वारा ग्रामीणों को साफ सफाई से रहने और अंधविश्वास से दूर रहने की सलाह दी गई। डॉ. गोपाल निगम एवं संगीता शुक्ला द्वारा दगना कुप्रथा के दुष्परिणामों से अवगत कराया गया एवं सरकारी अस्पतालों में इलाज का संदेश दिया गया। एक छोटे से नुक्कड़ नाटक द्वारा बीबी सिंह ने  आंकना कुप्रथा का विरोध किया एवम अंधविश्वास से दूर रहने की सलाह दी।

विवेक पब्लिक स्कूल की संचालिका अनीता निगम कार्यक्रम प्रभारी पवन पांडे के द्वारा ग्रामीणों को उपहार दिए गए एवं उनके शानदार प्रदर्शन के लिए प्रशंसा की गई साथ ही समिति ने दिव्या एवं जसमीत के उत्कृष्ट आयोजन एवं व्यवस्था की भरपूर सराहना की।

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