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सीबीआई की जाँच में उपयुक्त पाई गई क्लीन चिट वाली नर्सिंग संस्थाओं में सत्र 2023-24 के लिए विद्याथिर्यों को मिला प्रवेश की अनुमति

हाईकोर्ट ने 169 नर्सिंग संस्थाओं को सत्र 2023- 24 के लिए मान्यता अनुमति देने का दिया आदेश 

संपादक वीरेन्द्र प्रताप सिंह DRMS NEWS 896263793 मंगलवार 5 मार्च 2024

DRMS NEWS शहडोल शहडोल के 03 कॉलेज को मिली प्रवेश की अनुमति। सीबीआई जांच में पाये गए उपयुक्त कॉलेज शिवानी पैरामेडिकल कॉलेज शहडोल, विंध्य कॉलेज ऑफ नर्सिंग शहडोल, स्वामी विवेकानंद कॉलेज ऑफ नर्सिंग कल्याणपुर शहडोल। 

म.प्र. में नर्सिंग संस्थाओं की जाँच के लिए चल रहे न्यायालय प्रकरण में माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर ने नर्सिंग संस्थाओं को सत्र 2023-24 के लिए मान्यता अनुमति प्रदान करने का आदेश देते हुए बहुत बड़ी राहत प्रदान की है। 

उल्लेखनीय है कि उच्च न्यायालय जबलपुर में म.प्र. की नसिंर्ग संस्थाओ की जाँच के लिए चल रहे प्रकरण पर दिनांक 13 फरवरी को माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर ने आदेश जारी किया है, जिसमे सीबीआई की जाँच में उपयुक्त पाई गई क्लीन चिट वाली नर्सिंग संस्थाओं में सत्र 2023-24 के लिए विद्याथिर्यों को प्रवेश की अनुमति प्रदान करने कहा गया है। 

उल्लेखनीय है कि दिनांक 22/02/2024 को म.प्र. हाईकोर्ट जबलपुर द्वारा जारी नर्सिंग संस्थान की सूची में कुल 169 नर्सिंग कॉलेजों को उपयुक्त पाया गया है एवं इन्हे सत्र 2023-24 के लिए छात्र छात्रों को प्रवेश की अनुमति दी गयी है। 

फप्रदेश में संचालित नर्सिंग संस्थाओं में 169 नर्सिंग संस्थाओ को सीबीआई जाँच में उपयुक्त पाया गया है एवं नर्सिंग के सभी आवश्यक नियम अनुसार इन 169 संस्थाओं में उपलब्धता के आधार पर इन्हें क्लीन चिट प्रदान की गई है । 

माननीय उच्च न्यायलय जबलपुर ने अपने आदेश में कहा है की उपयुक्त कॉलेजों के छात्रों को और अधिक नुकसान नहीं होना चाहिए क्योकि विगत दो वर्षों से नर्सिंग की परीक्षाएं नहीं होने से इनका बहुत अधिक नुकसान हो चुका है, जबकि उनकी कोई गलती नहीं है और उनके कॉलेज नियमों को पूरा कर रहे हैं। 

साथ ही यह कहा गया है की जो परीक्षाएं हो चुकी है उनके परिणाम अतिशीघ्र घोषित किये जाये एवं जिनकी परीक्षाएं नहीं हुई है उनकी एवं आगामी वर्षों की परीक्षाएं करवाई जाये। 

माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर के इस आदेश से म.प्र. के लाखो नर्सिंग विद्याथिर्यों को बहुत बड़ी राहत मिलने की सम्भावनाये है। प्रदेश के लाखों आदिवासी एवं पिछड़ा वर्ग की बालिकाए इससे नर्सिंग क्षेत्र में अपने भविष्य को सुरक्षित कर पायेगी। 


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