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महज 10 मिनट की बारिश में बह गई स्वच्छता सर्वेक्षण 2026 का सच, गली चौराहे लोगों के बीच खास चर्चा क्या केवल कागजों तक और होर्डिंग्स में ही स्वच्छ है मानपुर ...?

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drms news (मानपुर-उमरिया) स्वच्छता सर्वेक्षण 2026 के नाम पर लाखों रुपये खर्च कर नगर को स्वच्छ और सुंदर दिखाने के दावे करने वाली नगर परिषद मानपुर की पोल महज 10 मिनट की बारिश ने खोलकर रख दी। पहली ही बारिश में मुख्य मार्गों और कई बस्तियों की नालियां उफान पर आ गईं। कचरे और कीचड़ से पटी नालियों का गंदा पानी सड़कों से होता हुआ लोगों के घरों तक पहुंच गया, जिससे स्वच्छता के दावों की वास्तविक तस्वीर सामने आ गई।

विडंबना यह है कि एक तरफ नगर परिषद स्वच्छता सर्वेक्षण के नाम पर दीवारों की पुताई, बाउंड्री वॉल पर स्लोगन लेखन, फ्लेक्स और होर्डिंग लगाने में व्यस्त है, वहीं दूसरी तरफ नालियों की सफाई और जल निकासी जैसी मूलभूत व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमराई हुई हैं। नगर के कई वार्डों में नालियां अधूरी बनाकर छोड़ दी गई हैं, जिससे आम नागरिकों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दौरान यही अधूरे कार्य लोगों के लिए मुसीबत बन गए।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्वच्छता सर्वेक्षण के नाम पर केवल दिखावटी कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि वास्तविक सफाई व्यवस्था भगवान भरोसे छोड़ दी गई है। नगर में जगह-जगह होर्डिंग, बैनर और प्रचार सामग्री तो दिखाई दे रही है, लेकिन नालियों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था धरातल पर नजर नहीं आ रही।

पहली ही बारिश में नालियों का कीचड़ और गंदगी घरों तक पहुंच जाना इस बात का संकेत है कि स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारियां कागजों और फोटो सेशन तक सीमित हैं। अब नगरवासियों के बीच यह चर्चा भी तेज हो गई है कि आखिर स्वच्छता के नाम पर खर्च हो रही राशि का वास्तविक उपयोग कहां हो रहा है।

आश्चर्य की बात यह है कि नगर की बदहाल स्थिति के बावजूद नगर परिषद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी राजेंद्र कुशवाहा की ओर से अक्सर व्यवस्थाओं को संतोषजनक बताए जाने की बात सामने आती है। जबकि जमीनी हालात इसके बिल्कुल विपरीत नजर आते हैं। जनता सवाल कर रही है कि जब नालियां जाम हैं, अधूरे निर्माण कार्य मुसीबत बने हुए हैं और बारिश में घरों तक गंदा पानी पहुंच रहा है, तब आखिर सब कुछ ठीक कैसे माना जा सकता है ...? 

मानपुर की जनता अब उत्तर चाहती है। स्वच्छता सर्वेक्षण के नाम पर खर्च हुए लाखों रुपये का हिसाब कौन देगा ..? क्या यह अभियान वास्तव में नगर को स्वच्छ बनाने के लिए चलाया जा रहा है या फिर केवल कागजी उपलब्धियां और प्रचार-प्रसार तक ही सीमित है? पहली बारिश ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, इन सबका जवाब नगर परिषद मानपुर को देना होगा।

संपादक वीरेन्द्र प्रताप सिंह कृपया http://www.drmsnews.online वेबसाइट को शेयर, लाईक व लाइव जरूर करें और विज्ञापन व समाचारों के लिए संपर्क करें। आपका सहयोग हमारे लिए अमूल्य है, बहुत बहुत धन्यवाद आभार। डिस्क्लेमर : यहां पर दिया गया प्रसारित व प्रकाशित विज्ञापन/समाचार, हमें विभिन्न सूत्रों से मिली जानकारी पर आधारित है, जिसे केवल सूचना के लिए दी जा रही है drms newsसंपादक इसकी पुष्टि नही करता और ना ही जिम्मेदार है। 8962637936

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