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मांग में वृद्धि के बीच तेल विपणन कंपनियां पेट्रोल, डीजल एवं एलपीजी की आपूर्ति निरंतर बनाए हुए

संपादक वीरेन्द्र प्रताप सिंह कृपया http://www.drmsnews.online वेबसाइट को शेयर, लाईक व लाइव जरूर करें और विज्ञापन व समाचारों के लिए संपर्क करें

drms news (भोपाल) हाल के दिनों में मध्य प्रदेश राज्य में सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) के खुदरा बिक्री केंद्रों पर सामान्य परिचालन वृद्धि की तुलना में डीजल एवं पेट्रोल की खपत में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। 

1 मई से 31 मई की अवधि के दौरान मध्य प्रदेश में डीजल (एचएसडी) की खुदरा बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई, जो राज्यभर में सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों के खुदरा बिक्री केंद्रों पर मजबूत मांग एवं बढ़ी हुई खपत को दर्शाती है। राज्य के 11 जिलों में 20 प्रतिशत से अधिक वृद्धि दर्ज की गई, जिनमें हरदा (48.5 प्रतिशत), निवाड़ी (47.1 प्रतिशत), नीमच (45.9 प्रतिशत), बुरहानपुर (32.4 प्रतिशत), उमरिया (30.6 प्रतिशत), बड़वानी (29.6 प्रतिशत), रतलाम (28.5 प्रतिशत), देवास (28.2 प्रतिशत), होशंगाबाद (24.4 प्रतिशत), मंदसौर (24.2 प्रतिशत) एवं छतरपुर (23.7 प्रतिशत) प्रमुख रहे। इसके अतिरिक्त 9 जिलों में 15 से 20 प्रतिशत के बीच वृद्धि दर्ज की गई, जिनमें खंडवा, धार, उज्जैन, सीहोर, अनूपपुर, इंदौर, दतिया, रायसेन एवं झाबुआ शामिल हैं। प्रमुख शहरी केंद्रों में भी सकारात्मक वृद्धि देखने को मिली, जहां इंदौर में 17.5 प्रतिशत तथा

भोपाल में 12.7 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई। राज्य के विभिन्न जिलों में खुदरा डीजल बिक्री में व्यापक वृद्धि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों द्वारा निर्बाध ईंधन उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा बढ़ती मांग को प्रभावी ढंग से पूरा करने की क्षमता को रेखांकित करती है।

सार्वजनिक क्षेत्र के रिटेल आउटलेट्स पर इस बढ़ी हुई वृद्धि का प्रमुख कारण निजी रिटेल आउटलेट्स से बिक्री का स्थानांतरण तथा बल्क बिजनेस का रिटेल आउटलेट्स की ओर स्थानांतरण माना गया है।

भारत सरकार ने राज्य सरकारों एवं केंद्रशासित प्रदेशों से अनुरोध किया है कि वे विशेष दलों का गठन कर उन बल्क उपभोक्ताओं एवं जमाखोरों के विरुद्ध कार्रवाई करें जो रिटेल उपभोक्ताओं हेतु निर्धारित आपूर्ति का दुरुपयोग कर रहे हैं, काला बाजारी, अनधिकृत भंडारण तथा पेट्रोलियम उत्पादों के अवैध विचलन जैसी गतिविधियों में संलिप्त हैं। ऐसी कार्रवाई आवश्यक वस्तु अधिनियम (ईसी एक्ट) तथा उसके अंतर्गत जारी नियंत्रण आदेशों के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत की जाएगी। साथ ही, उद्योग संगठनों से भी अनुरोध किया गया है कि वे अपने सदस्यों को केवल अधिकृत खरीद माध्यमों से ही डीजल क्रय करने की सलाह दें।

वर्तमान भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बावजूद, सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां  इंडियन ऑयल, बीपीसीएल एवं एचपीसीएल देश-भर में अपने टर्मिनलों, डिपो, पाइप लाइनों, एलपीजी बॉटलिंग संयंत्रों तथा खुदरा बिक्री केंद्रों के व्यापक नेटवर्क के माध्यम से पेट्रोल (एमएस), डीजल (एचएसडी) एवं एलपीजी की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु निरंतर परिचालन एवं लॉजिस्टिक समन्वय बनाए हुए हैं। राज्य प्रशासन के साथ घनिष्ठ समन्वय स्थापित कर निर्बाध ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। आपूर्ति दल, परिवहन नेटवर्क, टर्मिनल संचालन इकाइयाँ तथा चयनित खुदरा बिक्री केंद्र चौबीसों घंटे कार्यरत हैं, ताकि उत्पादों की निर्बाध आवाजाही एवं समयबद्ध पुनःपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

सार्वजनिक क्षेत्र का तेल उद्योग उपभोक्ताओं को आश्वस्त करना चाहता है कि देशभर में पेट्रोल, डीजल एवं एलपीजी का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है तथा निर्बाध एवं सुचारु आपूर्ति बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

नागरिकों से अनुरोध है कि वे सामान्य खरीद व्यवहार बनाए रखें तथा घबराहट में अनावश्यक खरीदारी से बचें। उपभोक्ताओं से यह भी आग्रह है कि ईंधन उपलब्धता संबंधी सही एवं प्रामाणिक जानकारी के लिए केवल अधिकृत एजेंसियों एवं तेल विपणन कंपनियों द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

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