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drms news (मानपुर उमरिया)। वन परिक्षेत्र मानपुर में वन संपदा की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिस सरकारी परिसर में वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी का निवास है, उसी परिसर में पहले करीब 20 दिन पहले लगभग 100 सेंटीमीटर गोलाई वाले सागौन के पेड़ को काटे जाने और अब हरा-भरा चंदन का पेड़ काटे जाने की जानकारी सामने आई है।
मानपुर विधानसभा के जागरूक समाज सेवी मनोज श्रीवास्तव व केशव प्रसाद विश्वकर्मा ने बताया कि सूत्र बताते है कि, सागौन का पेड़ करीब 20 दिन पहले काटा गया था। पेड़ का ठूंठ और उसकी चिल्फी अभी भी मौके पर पड़ी हुई बताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, सागौन की लकड़ी से सामग्री बनवाकर उसे वहां से ले जाने की भी जानकारी सामने आई है।
इसके बाद अब करीब तीन दिन पहले रात के अंधेरे में सरकारी बंगले के परिसर में लगे हरे-भरे चंदन के पेड़ पर आरी चलाए जाने की जानकारी सामने आई है। पेड़ का ठूंठ और काटे गए पेड़ के अवशेष अभी भी मौके पर पड़े हुए बताए जा रहे हैं। साथ ही परिसर से दो नग चंदन के पेड़ गायब होने की जानकारी भी सामने आ रही है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि 20 दिन पहले जब सागौन का पेड़ काटे जाने की जानकारी सामने आई थी, तब वन विभाग ने क्या कार्रवाई की ...? क्या मामले की जांच की गई? क्या पंचनामा बनाया गया? क्या दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई हुई? या फिर मामले को अनदेखा किए जाने के बाद अब चंदन के पेड़ की कटाई का मामला सामने आया?
जिस विभाग की जिम्मेदारी जंगल और वन संपदा की सुरक्षा करना है, उसी विभाग के सरकारी परिसर में यदि लगातार इमारती लकड़ी के पेड़ काटे जाने की जानकारी सामने आती है, तो यह वन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। सवाल यह भी है कि जब सरकारी परिसर में लगे पेड़ ही सुरक्षित नहीं हैं, तो जंगलों में वन संपदा की सुरक्षा व्यवस्था कितनी प्रभावी है ...?
मामले की जानकारी और विभाग का पक्ष जानने के लिए वन परिक्षेत्र अधिकारी मानपुर के प्रभारी अंकित सोनी से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। विभाग का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका है।
अब देखना यह है कि वन विभाग 20 दिन पहले काटे गए सागौन के पेड़ और हाल ही में काटे गए चंदन के पेड़ के मामले में जांच और कार्रवाई करता है या नहीं। मामले में वन विभाग का आधिकारिक पक्ष प्राप्त नहीं हो सका है। विभागीय पक्ष मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
संपादक वीरेन्द्र प्रताप सिंह कृपया http://www.drmsnews.in वेबसाइट को शेयर, लाईक व लाइव जरूर करें और विज्ञापन व समाचारों के लिए संपर्क करें। आपका सहयोग हमारे लिए अमूल्य है, बहुत बहुत धन्यवाद आभार। डिस्क्लेमर : यहां पर दिया गया प्रसारित व प्रकाशित विज्ञापन/समाचार, हमें विभिन्न सूत्रों से मिली जानकारी पर आधारित है, जिसे केवल सूचना के लिए दी जा रही है drms news व संपादक इसकी पुष्टि नही करता और ना ही जिम्मेदार है। 8962637936
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