
मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने संवेदनशील पत्रकारिता जरूरी : बांधवगढ़ में पत्रकारों को दिया विशेष प्रशिक्षण
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drms news (मानपुर उमरिया)। मध्यप्रदेश टाइगर टूरिज्म के अंतर्गत रविवार, 23 अगस्त को बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में उमरिया जिले के पत्रकारों के लिए विशेष प्रशिक्षण एवं पत्रकार सम्मेलन का आयोजन किया गया। भोपाल से आए प्रशिक्षित विशेषज्ञों द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में मानव एवं वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण संतुलन तथा वन्यजीवों से संबंधित खबरों में तथ्यपरक और संवेदनशील पत्रकारिता को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई।
प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने कहा कि मानव, वन्यजीव और वनस्पतियों के बीच संतुलन बनाए रखना वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यदि प्रकृति, पर्यावरण और वन्यजीवों का संरक्षण करना है तो समाज को भी वन्यजीवों के व्यवहार और उनके प्राकृतिक आवास को समझना होगा। आने वाली पीढ़ियों के लिए वन, वन्यजीव और प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखने में पत्रकारिता की भूमिका भी महत्वपूर्ण है।
वन्यजीवों से जुड़ी खबरों में तथ्य और संवेदनशीलता जरूरी
प्रशिक्षण में विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया गया कि बाघ, हाथी अथवा अन्य वन्यजीवों से जुड़ी घटनाओं को वास्तविक तथ्यों के आधार पर ही प्रस्तुत किया जाना चाहिए। किसी वन्यजीव की सामान्य गतिविधि को अनावश्यक रूप से भय या सनसनी के रूप में प्रस्तुत करने से मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति और गंभीर हो सकती है।
पत्रकारों को बताया गया कि वन्यजीवों के विचरण वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवागमन से बचना चाहिए तथा प्रशासन और वन विभाग द्वारा चिन्हित संवेदनशील क्षेत्रों में निर्धारित समय और नियमों का पालन किया जाना चाहिए। इससे जहां वन्यजीवों को सुरक्षित वातावरण मिलेगा, वहीं मानव जीवन की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकेगी।
जिम्मेदार पत्रकारिता से बन सकता है बेहतर संरक्षण तंत्र
विशेषज्ञों ने कहा कि बांधवगढ़ जैसे महत्वपूर्ण वन्यजीव क्षेत्र में पत्रकारों की भूमिका केवल घटनाओं को प्रकाशित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि जनता को जागरूक करने और मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व का संदेश देने की भी है। वन्यजीवों के प्राकृतिक व्यवहार, उनके संरक्षण और जंगल के नियमों की जानकारी आम लोगों तक सही तरीके से पहुंचाना आवश्यक है।
दोपहर के भोजन के उपरांत प्रशिक्षण का दूसरा सत्र आयोजित किया गया, जिसमें वन एवं वन्यजीव संरक्षण से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों तथा पत्रकारिता में उनके प्रभावी प्रस्तुतिकरण को लेकर विस्तार से जानकारी दी गई। इस दौरान उमरिया जिले के पत्रकारों ने भी विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों से चर्चा की।
जिप्सी से बांधवगढ़ का भ्रमण कर वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास को देखा
प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन से पत्रकारों को जिप्सी के माध्यम से बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान का भ्रमण कराया गया। इस दौरान पत्रकारों ने बांधवगढ़ के प्राकृतिक वातावरण, वन क्षेत्र और वन्यजीवों के विचरण क्षेत्र का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। जंगल की मनमोहक प्राकृतिक सुंदरता ने सभी को आकर्षित किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य पत्रकारों को वन्यजीव संरक्षण के प्रति और अधिक संवेदनशील बनाना तथा वन्यजीवों से संबंधित समाचारों में तथ्य, जिम्मेदारी और पर्यावरणीय दृष्टिकोण को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित करना रहा। प्रशिक्षण कार्यक्रम के बाद पत्रकारों ने बांधवगढ़ के संरक्षण और मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की। सौजन्य से मनोज श्रीवास्तव, केशव विश्वकर्मा
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