
उपाध्यक्ष व पार्षदों ने कलेक्टर से मांगी उच्चस्तरीय तकनीकी-आर्थिक जांच, 30 दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो धरना-अनशन की चेतावनी
drms news (मानपुर उमरिया)। नगर परिषद मानपुर में पिछले चार वर्षों के दौरान कराए गए निर्माण, विकास एवं खरीदी कार्यों को लेकर परिषद की उपाध्यक्ष श्रीमती गीता देवी पटेल सहित वार्ड 12 की पार्षद पुष्पा शारदा गौतम ने गंभीर वित्तीय एवं तकनीकी अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। इस संबंध में पार्षदों ने कलेक्टर उमरिया को शिकायती पत्र सौंपकर स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय तकनीकी तथा वित्तीय जांच कराने की मांग की है। शिकायत की प्रतिलिपि संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, शहडोल संभाग को भी भेजी गई है।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि नगर परिषद में सीसी रोड, बीटी रोड, नाली निर्माण, तालाब सौंदर्यीकरण, चिल्ड्रन पार्क, स्वागत गेट, स्ट्रीट लाइट, विद्युत सामग्री, हैंडपंप, वृक्षारोपण, कुओं के जीर्णोद्धार, सार्वजनिक शौचालय, दाह संस्कार के लिए लकड़ी तथा वाहन खरीदी सहित विभिन्न कार्यों में स्वीकृत राशि और मौके पर हुए वास्तविक कार्यों के बीच अंतर है। कई कार्यों को अधूरा, गुणवत्ताहीन अथवा अपेक्षित उपयोगिता के अनुरूप नहीं होने का आरोप लगाया गया है।
19 बिंदुओं पर जांच की मांग
शिकायत में चार वर्षों के दौरान कराए गए विभिन्न कार्यों की बिंदुवार जांच की मांग की गई है। इनमें सीसी एवं बीटी सड़कों की लागत, गुणवत्ता, माप पुस्तिका (एमबी) और भुगतान का सत्यापन, नाली निर्माण की स्वीकृति एवं वास्तविक लंबाई-गुणवत्ता की जांच शामिल है।
इसके अलावा तालाब सौंदर्यीकरण, चिल्ड्रन पार्क एवं स्वागत गेटों पर हुए खर्च, निविदा प्रक्रिया, सामग्री की आपूर्ति और वर्तमान स्थिति का भौतिक सत्यापन कराने की मांग की गई है। सार्वजनिक एवं सामुदायिक शौचालयों के निर्माण और भुगतान का भी मौके पर सत्यापन कराने की मांग रखी गई है।
शिकायत में तालाबों को लीज पर दिए जाने, पुराने कुओं के जीर्णोद्धार, वृक्षारोपण में पौधों की संख्या एवं खरीदी, हैंडपंपों की वास्तविक स्थिति तथा दाह संस्कार की लकड़ी की खरीदी-वितरण से संबंधित बिल, स्टॉक और हितग्राहियों के रिकॉर्ड की जांच की मांग की गई है।
स्ट्रीट लाइट और वाहनों की खरीदी भी जांच के दायरे में
पार्षदों ने स्ट्रीट लाइट, एलईडी, प्रोजेक्टर, पोल एवं अन्य विद्युत सामग्री की जीईएम/निविदा प्रक्रिया, दर, मात्रा, आपूर्ति और स्थापना का सत्यापन कराने की मांग की है। वहीं नगर परिषद द्वारा खरीदे गए वाहनों की खरीदी प्रक्रिया, भुगतान, लॉगबुक, ईंधन और मरम्मत पर हुए खर्च की भी जांच की मांग की गई है।
शिकायत में परिषद की बैठकों की संख्या एवं कार्यवाही, नियमित बैठकें नहीं होने के कारणों तथा पीआईसी से स्वीकृत कार्यों की वार्डवार जांच कराने की मांग भी की गई है। शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि कुछ कार्य पीआईसी सदस्यों के वार्डों में अपेक्षाकृत अधिक कराए गए हैं, जिसका नियमानुसार परीक्षण होना चाहिए।
निजी पहुंच मार्ग में शासकीय राशि खर्च करने का आरोप
शिकायत में नगर परिषद अध्यक्ष के वार्ड सहित उनके खेत अथवा निजी पहुंच मार्ग तक शासकीय राशि से सड़क निर्माण कराए जाने के आरोपों की भी जांच की मांग की गई है। इसके लिए कार्य की स्वीकृति, लागत, उपयोगिता और सार्वजनिक हित का परीक्षण कराने की मांग की गई है।
इसके साथ ही अधूरे, अनुपयोगी अथवा गुणवत्ताहीन कार्यों का तकनीकी अधिकारियों से मौके पर सत्यापन तथा प्रत्येक कार्य की प्रशासकीय एवं तकनीकी स्वीकृति, निविदा, कार्यादेश, एमबी, बिल-वाउचर, भुगतान और पूर्णता प्रमाण-पत्र का वास्तविक कार्य से मिलान कराने की मांग की गई है।
बस स्टैंड और गीता भवन के स्थल चयन पर भी सवाल
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि सामान्य सभा के प्रस्ताव एवं आम सहमति के बिना बस स्टैंड, गीता भवन सहित अन्य सार्वजनिक स्थलों का चयन किया गया। इस मामले में भी संबंधित अभिलेखों एवं निर्णय प्रक्रिया की जांच की मांग की गई है।
वहीं संपत्ति कर निर्धारण को लेकर भी शिकायत में सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि नागरिकों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए कर निर्धारण किया जाना चाहिए था, लेकिन बिना पर्याप्त विचार-विमर्श के अधिकतम दरों पर संपत्ति कर लगाए जाने तथा पूर्व वर्षों के संपत्ति कर को माफ किए जाने के मामले की भी जांच आवश्यक है।
मूल रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की मांग
पार्षदों ने मांग की है कि जांच नगर परिषद के स्थानीय अधिकारियों से न कराकर जिला अथवा संभाग स्तर के स्वतंत्र तकनीकी एवं वित्तीय अधिकारियों की समिति से कराई जाए। साथ ही जांच पूरी होने तक परिषद एवं पीआईसी से संबंधित मूल अभिलेख, फाइलें, कार्यवाही पुस्तिकाएं, एमबी, बिल-वाउचर, भुगतान रिकॉर्ड, स्टॉक रजिस्टर, निविदा दस्तावेज और वाहन लॉगबुक सुरक्षित रखने के निर्देश दिए जाएं।
30 दिन में जांच नहीं तो आंदोलन
शिकायतकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि 30 दिनों के भीतर उक्त शिकायतों की जांच शुरू नहीं की गई तो समस्त पार्षद धरना-प्रदर्शन एवं आमरण अनशन करने के लिए बाध्य होंगे। इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी, ऐसा शिकायत पत्र में उल्लेख किया गया है।
शिकायत पत्र पर नगर परिषद उपाध्यक्ष गीता देवी पटेल सहित वार्ड क्रमांक 12, 10, 13 और 04 के पार्षदों के हस्ताक्षर एवं मुहर अंकित हैं। शिकायतकर्ताओं के आरोपों की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। (सूचनादाता एवं संकलनकर्ता- समाजसेवी मनोज श्रीवास्तव, केशव विश्वकर्मा मानपुर)
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